डॉक्टर की लापरवाही की हद देखिए। मरीज टांग का इलाज कराने आया था, उसने सिर का ऑपरेशन कर दिया। अब उसकी जिंदगी जहन्नुम हो गई है। घटना हरियाणा के हिसार की है। नरवाना का रामबीर हिसार को मेडिकल हब समझकर नौ महीने पहले यहां इलाज कराने आया था। लेकिन डॉ. की लापरवाही ने ऐसा दर्द दिया कि वह जिदंगी भर के लिए अपाहिज हो गया है।
रामबीर टांग का इलाज कराने आया था और डॉक्टर ने उनको बरगलाकर सिर का ऑपरेशन कर डाला। वह तभी से बिस्तर पर है। डीसी को शिकायत करने पर सीएमओ ने चिकित्सकों की समिति बनाकर मामले की जांच शुरू कर दी है। नरवाना के बीरबल नगर के रामबीर उर्फ रामू ने डीसी को शिकायत देकर कहा कि वह एक टांग में कैलिपर पहनकर चलता था। उसके एक पैर में तकलीफ थी।
वह 27 जून 2016 को डाबड़ा रोड के एक अस्पताल में इलाज के लिए आया था। वहां डॉक्टर ने कहा था कि वह उसे सुबह ट्रीटमेंट देकर भेज देंगे। आरोप है कि डॉक्टर ने फिर उसके माता-पिता को गुमराह करके उसके सिर का ऑपरेशन कर दिया, जबकि उसके सिर में कोई दिक्कत नहीं थी। ऑपरेशन के बाद उसके सिर में दिक्कत रहने लगी। रामू के अनुसार ऑपरेशन की कोई जरूरत नहीं थी।
सिर का ऑपरेशन होने से उसकी जिंदगी बर्बाद हो गई। वह खुद न उठ सकता है और न बैठ सकता है। वह बिस्तर का मरीज बनकर रह गया है। वह दूसरी बार डॉक्टर के पास गया तो उन्होंने उनके साथ बदसलूकी की और जान से मारने की धमकी देते हुए उसकी गाड़ी अस्पताल से बाहर निकलवा दी।
शिकायतकर्ता बोला नहीं आया डॉक्टर, डॉक्टर बोले बाहर था
Doctor
नरवाना के रामबीर ने कहा कि उसने इस बारे में इस साल 28 जनवरी को डीसी को शिकायत दी थी। डीसी ने शिकायत को जांच के लिए सीएमओ के पास भेजा था। सीएमओ ऑफिस ने बयान दर्ज करने के लिए दोनों पक्षों को शुक्रवार को तलब किया था।
मगर डॉक्टर नहीं आया। फिर मामले में जांच कमेटी बना दी गई। इनमें प्रधान चिकित्सा अधिकारी डॉ. दयानंद, एसएमओ एमएल कामरा व डॉ. सुरेश कौशिक शामिल है। इसी संबंध में शुक्रवार को दोनों पक्षों को नागरिक अस्पताल में बुलाया गया था, जहां आरोपी पक्ष पेश नही हुआ।
दूसरी तरफ डॉक्टर का कहना है कि वह शहर से बाहर थे और उन्होंने अपना प्रतिनिधि भेजा था। डॉक्टर ने रामबीर के आरोप को निराधार बताते हुए कहा है कि मरीज के पास अब भी जांच रिपोर्ट होंगी। वह कहीं भी रिपोर्ट की जांच करा सकता है।
राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री को लिखित में शिकायत दी
चिकित्सक
रामबीर ने बताया कि उन्होंने डॉक्टर के खिलाफ राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, स्वास्थ्य मंत्री, उपायुक्त व एसपी को लिखित में शिकायत दी है। इसमें उन्होंने डॉ. भारत मित्तल के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है। इसमे उन्होंने डॉ. भारत मित्तल के खिलाफ इलाज के दौरान लापरवाही बरतने का आरोप लगाया है।
उन्होंने मांग की है कि वे डॉ. की ओर से कोताही बरतने पर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए और उन्हें कड़ी से कड़ी सजा दी जाए। मरीज का इलाज करने वाले आधार अस्पताल के डॉ. भारत मित्तल का कहना है कि दिमाग में दिक्कत थी, नसों में परेशानी आने के कारण सिर का ऑपरेशन किया गया था।
सिविल सर्जन का कहना है कि डॉ. जेएस ग्रेवाल का कहना है कि मामला मेरे संज्ञान में आया है। इस केस में जांच कमेटी बनाई गई है, जिनमें पीएमओ डॉ. दयानंद, डॉ. एमएल कामरा व डॉ. सुरेश कौशिक जांच कर रिपोर्ट देगे। उसके बाद ही निर्णय लिया जाएगा। हालांकि शुक्रवार को डॉ. भारत मित्तल अनुपस्थित रहे हैं।