हरियाणा के यमुनानगर में बाडीमाजरा पुल पर रविवार देर रात एक कार पश्चिमी यमुना नहर में गिर गई। घटना के समय मौके पर मौजूद दो प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार कार में दो बच्चों सहित पांच लोग सवार थे।
उन्होंने तुरंत इसकी सूचना कंट्रोल रूम में दी। सूचना पाकर थाना शहर और सदर पुलिस ने मौके पर पहुंचकर गोताखोरों को बुलवाया और रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार रात नौ बजे कार श्मशान घाट रोड से पश्चिमी यमुना नगर की पटरी से चिट्टा मंदिर की तरफ जा रही थी।
जैसे ही कार बाडीमाजरा पुल के समीप पहुंची, तो कार पश्चिमी यमुना नहर की ओर बढ़ने लगी। कार से चीखने-चिल्लाने की आवाज आने लगी और देखते ही देखते कार नहर में जा गिरी।
जब रेस्क्यू ऑपरेशन को रोकना पड़ा
घटना की सूचना पाकर दस मिनट के भीतर मौके पर दो पीसीआर और एक एंबुलेंस मौके पर पहुंच गई। घटना के 45 मिनट के बाद गोताखोरों की मदद से रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया गया।
हालांकि नहर में पानी अधिक होने के कारण गोताखोरों ने कार व उसमें सवार लोगों की तलाश करने में असमर्थता जताई। इसके बाद अचानक आई तेज बारिश ने भी रेस्क्यू ऑपरेशन में बाधा पहुंचाई।
नहर में पानी अधिक होने के कारण गोताखोरों ने पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों से बार-बार नहर से पानी को कम करवाने की बात कही गई, लेकिन सवा ग्यारह बजे तक नहर में पानी कम कराने को लेकर कोई कार्रवाई नहीं की गई। देर रात अभियान बंद करवाकर सोमवार की सुबह एक एक बार फिर से गोताखों की मदद से प्रशासन कार की तलाश में जुट गया।
पानी से निकाली कार, तीन शव बरामद
बाड़ीमाजरा पुल के समीप पश्चिमी यमुना नहर में गिरी कार को रेस्क्यू टीम ने सोमवार को दोपहर बारह बजे निकाला । कार से मधु कॉलोनी निवासी अनिल खेड़ा (47), उनके बेटे हर्षित (12) और बेटी तान्या (16) के शव मिले।
हादसे के समय कार में सवार उनकी पत्नी चंचल उर्फ कोमल (43) और तीन वर्षीय भतीजी आहाना का कोई सुराग नहीं लग पाया है। पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम कराने के बाद परिजनों को सौंप दिया। मधु कॉलोनी निवासी मंगतराम खेडा (न्यू मार्केट स्थित खेड़ा क्लॉथ हाउस के संचालक) ने बताया कि रविवार की देर शाम में उनका बड़ा बेटा अनिल खेड़ा पत्नी व दो बच्चों और भतीजी के साथ ऑल्टो कार से घर से बाड़ीमाजरा पुल के समीप घाट पर बने मंदिर के लिए निकले थे।
देर रात जब वह घर नहीं लौटे तो उन्होंने अनिल से फोन पर संपर्क करना चाहा, लेकिन उसका फोन नहीं लग पाया। काफी कोशिश करने के बाद भी जब उनका कुछ पता नहीं चला, तो उन्होंने इस बारे में पुलिस कंट्रोल रूम में सूचना दी। जहां से उन्हें पता चला कि बाड़ीमाजरा पुल के समीप एक कार मिलने की सूचना है।
अनयिंत्रित होकर गाड़ी जा गिरी नहर में
हादसे की सूचना पाकर परिवार के लोग मौके पर पहुंचे, लेकिन रात में रेसक्यू टीम द्वारा कार को नहर से नहीं निकाला जा सका था। सोमवार दोपहर करीब बारह बजे क्रेन से कार को निकाला गया, जिसमें से तीन शव बरामद किए गए। जिनकी शिनाख्त परिजनों द्वारा अनिल खेडा और उनके बेटे हर्षित व बेटी तान्या के रूप में की गई।
रेसक्यू टीम द्वारा नहर में उनकी पत्नी चंचल उर्फ कोमल और तीन वर्षीय भतीजी आहाना की तलाश जारी है। पुलिस गाड़ी स्लिप होना बता रही हादसे का कारण हादसे के बाद मामले की जांच में जुटी पुलिस के मुताबिक घटनास्थल पर जमा कीचड़ के कारण कार स्लिप होकर नहर में जा गिरी।
पुलिस प्रवक्ता जगबीर सिंह ने बताया कि अभी तक प्रारंभिक जांच में पुलिस ने पाया है कि कार स्लिप होने या फिर अनियंत्रित होने के कारण पश्चिमी यमुना नहर में गिरी है। कार को नहर से निकालने के बाद उससे बरामद तीन शवों को कब्जे में लेकर पुलिस ने पोस्टमार्टम कराने के बाद उन्हें परिजनों के हवाले कर दिया है। अन्य शवों की तलाश जारी है।