पूर्व सीएम सुरजीत सिंह बरनाला से पुराने संबंधों के चलते आखिरकार कैप्टन अमरिंदर सिंह धूरी में प्रचार करने के लिए राजी हो गए हैं। यहां से कांग्रेस ने बरनाला के पोते सिमर प्रताप को उम्मीदवार बनाया है। कैप्टन ने कहा है कि सभी विधायकों की सलाह है कि सिमर प्रताप से कोई लड़ाई नहीं है। पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी ने उसे उम्मीदवार बनाया है। इसलिए उन्होंने छह और आठ मार्च को वहां जाने का फैसला किया गया है।
हालांकि चुनाव प्रचार के दौरान कैप्टन से प्रदेश प्रधान प्रताप बाजवा या चुनाव इंचार्ज विजय इंदर सिंगला से कोई वास्ता नहीं होगा। कैप्टन गुट सिमर को साथ लेकर खुद प्रचार करेगा। उन्होंने कहा कि बाजवा की वजह से असमंजस की स्थिति पैदा हुई है। इस बारे में उन्होंने हाईकमान को भी सूचित कर दिया है।
कैप्टन ने कहा कि बाजवा ने पहले उनसे यह कहा कि चुनाव इंचार्ज नियुक्त करो। इस पर उन्होंने बाजवा को ही इंचार्ज चुनने की बात कह दी। बाजवा ने इंचार्ज पद की जिम्मेदारी पहले राणा गुरमीत सोढी को दी, लेकिन अगले ही दिन उन्होंने विजय इंदर सिंगला को इंचार्ज बना दिया। फिर बाजवा खुद अपना पूरा दफ्तर लेकर धूरी पहुंच गए।
उन्होंने अमृतसर चुनाव लड़ा, राणा गुरजीत इंचार्ज थे, उन्हीं का आदेश चलता था। पटियाला उपचुनाव में तृप्त रजिंदर बाजवा इंचार्ज थे, उन्हीं की योजना से काम होता था। एक से ज्यादा इंचार्ज नहीं लगाए जा सकते।
उन्होंने कहा कि बाजवा कहते हैं कि बड़े चेहरों की जरूरत नहीं तो अपने छोटे चेहरे से ही काम चला लें। कैप्टन ने फिर दोहराया कि उन्होंने कभी बाजवा को प्रधान नहीं माना। आज एक भी विधायक बाजवा के साथ नहीं है, जरूर इसके पीछे कोई वजह होगी।