पंजाब की कैप्टन अमरिंदर सिंह सरकार का पहला बजट मंगलवार 20 जून को पेश होगा। वित्त मंत्री मनप्रीत सिंह बादल सदन में सुबह के सत्र में बजट पेश करेंगे। कैप्टन सरकार पहले ही दावा कर चुकी है कि अकाली-भाजपा सरकार खजाना खाली करके गई है और प्रदेश भारी भरकम कर्ज में डूबा है, इसलिए माना जा रहा है कि मनप्रीत बादल द्वारा नई सरकार का पहला बजट घाटे का ही पेश किया जाएगा।
इस बजट में नई सरकार पर विधानसभा चुनाव में जनता से किए वादे पूरे करने का बोझ है। हालांकि सोमवार को सदन में कैप्टन अमरिंदर सिंह ने सूबे के किसानों की कर्ज माफी का ऐलान करके मंगलवार को पेश किए जा रहे बजट की झलक पेश कर दी है। इस बजट में बिजली के दाम, उद्योगों के लिए छूट, रोजगार जैसे मुद्दों पर सरकार दिल खोलकर घोषणाएं कर सकती है। इसके अलावा कच्चे कर्मचारियों को पक्का करने की योजना भी सामने आने की उम्मीद है।
वैसे, वित्त मंत्री राजस्व की उगाही के साथ-साथ खजाना भरने के लिए सरकार के खर्चों में कटौती के फैसले भी लाने वाले हैं। गौरतलब है कि वर्ष 2016-17 का बजट राज्य की अकाली-भाजपा सरकार ने चुनावी वर्ष होने के कारण लोकलुभावन घोषणाओं वाला पेश किया था, जिसमें से नए वित्त मंत्री कई योजनाओं को रद्द करने का फैसला भी अपने बजट में ले सकते हैं।
अकाली सरकार ने बर्बाद किए कृषि-किसान: कैप्टन
मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह
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पंजाब के सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कर्ज माफी की घोषणा करने के साथ ही पूर्व अकाली-भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि पूर्व अकाली सरकार ने प्रदेश के किसान और कृषि को बर्बाद कर दिया।
बादल सरकार ने कैश क्रेडिट लिमिट की गिरावट को पूरा करने के लिए 31 हजार करोड़ रुपये का कर्ज लिया था, इसकी अदायगी के लिए हर महीने 270 करोड़ रुपये दिए जाने थे और सालाना ये राशि 3240 करोड़ रुपये देय थी, लेकिन सरकार ने इसे नहीं भरा।
उनकी सरकार ने इतनी राशि अतिरिक्त ली है, जिसे किसानों के हितों के लिए खर्च किया जाएगा। प्रदेश में साढ़े अठारह लाख किसान परिवार हैं और उनमें से 65 फीसदी छोटे और अत्यंत छोटे किसान हैं। जिनमें से 70 प्रतिशत ने संस्थागत कर्ज लिया हुआ है।
किसानों को आर्थिक तौर पर मजबूत करने के लिए सरकार लगातार कदम उठा रही है। खेती, उसके विकास, फसलों की गुणवत्ता को बढ़ाने के लिए वैकल्पिक फसलों पर अनेक इंसेंटिव दिए जा रहे हैं।