आर्थिक रूप से पिछड़े जनरल कैटेगरी के लोगों को आरक्षण का लाभ मिलना चाहिए। यह कहना हैं पंजाब कांग्रेस प्रधान कैप्टन अमरिंदर का। कैप्टन ने कहा है कि आरक्षण का लाभ ले रहे लोगों के अलावा जनरल कैटेगरी के आर्थिक तौर पर पिछड़ों को भी आरक्षण का लाभ दिया जाना चाहिए। वह बार-बार किए जा रहे आंदोलनों, खासकर हरियाणा में हिंसक रूप धारण कर चुके आंदोलन पर प्रतिक्रिया जता रहे थे।
कैप्टन ने कहा कि समय आ चुका है कि जाति या संप्रदाय पर ध्यान दिए बगैर आर्थिक तौर पर कमजोर लोगों को आरक्षण का फायदा दिया जाए, लेकिन इसका अर्थ यह नहीं निकलता कि सिर्फ आर्थिक हालात ही आरक्षण का आधार होना चाहिए।
क्योंकि आर्थिक व सामाजिक पिछड़ेपन को भी नजरअंदाज नहीं किया जा सकता, जिन्हें संवैधानिक तौर पर जाति आधारित फायदे मिल रहे हैं, वे जारी रहने चाहिए। इस समस्या का हल निकाला जरूरी है। अन्य जातियों जैसे राजस्थान में गुज्जरों व गुजरात में पटेलों की ओर से आरक्षण की मांग की जा रही है। अब हरियाणा में जाट आरक्षण की मांग कर रहे हैं।
कैप्टन ने कहा कि पंजाब के कॉलेजों व विश्वविद्यालयों में विद्यार्थियों केसाथ चर्चा के दौरान भी जनरल कैटेगरी केआर्थिक तौर पर पिछड़े लोगों को आरक्षण का फायदा दिए जाने की मांग की जाती रही है। उन्होंने कहा कि हरियाणा में जाटों का आंदोलन लोगों में निराशा का परिणाम है, जो समझते हैं कि उन्हें उचित अधिकार नहीं दिए जा रहे। पंजाब में भी हालत कभी भी बिगड़ सकते हैं।
आल इंडिया जाट महासभा के प्रधान कैप्टन ने कहा कि महासभा सिर्फ आर्थिक पिछड़े जाटों के लिए आरक्षण की मांग कर रही है, जिनके पास चार एकड़ से कम जमीन है। कई ऐसे किसान हैं, जिनके पास एक एकड़ से कम जमीन है, दो वक्त की रोटी भी मुश्किल से चलती है। महासभा उनके लिए ओबीसी में आरक्षण की मांग कर रही है।