पूर्व मुख्यमंत्री और अमृतसर से कांग्रेस प्रत्याशी कैप्टन अमरिंदर सिंह ने भाजपा के पीएम पद के उम्मीदवार नरेंद्र मोदी को स्पष्ट किया है कि पंजाब में पैदा किए जाने वाले घरेलू सिंथेटिक नशे मोदी द्वारा दर्शाए नारको टेरोरिज्म से ज्यादा खतरनाक और तबाही मचाने वाले हैं।
मीडिया के साथ बातचीत में कैप्टन ने कहा कि मोदी द्वारा पंजाब में नशा तस्करी के सरगना बिक्रम मजीठिया के पास खड़े होकर नारको टेरोरिज्म पर बयान देना गले से नीचे नहीं उतरता।
कैप्टन ने हैरानी जताई है कि मोदी ने नशा तस्करी की आतंकवाद के साथ तुलना करते हुए एक बार भी नहीं सोचा। उनके मंच पर ही मौजूद पंजाब में साझीदार बादल ने सिर्फ दो दिन पहले ही पंजाब में नशे के व्यापार को कानूनी दर्जा देने की सलाह दी थी।
राज्य में पैदा होने वाला सिंथेटिक नशा है समस्या
पूर्व मुख्यमंत्री ने मोदी से सवाल किया कि पाकिस्तान के साथ जम्मू-कश्मीर, राजस्थान और गुजरात जैसे राज्यों के लंबे बार्डर लगते हैं, लेकिन क्यों सिर्फ पंजाब ही बाहर से नशे की तस्करी का शिकार हुआ है।
उन्होंने कहा कि चाहे बार्डर पूरी तरह से सील है, लेकिन फिर भी रोजाना बार्डर पर बड़े स्तर पर नशे बरामद किए जाते हैं। कैप्टन ने स्पष्ट किया कि पंजाब में समस्या राज्य में पैदा किए जाने वाले सिंथेटिक नशों की है, जो सस्ते व आसानी से उपलब्ध हैं।
यह इतने खतरनाक हैं कि व्यक्ति को मारने में ज्यादा वक्त नहीं लेते। इस व्यापार में मजीठिया शामिल हैं, जिसका नाम इंफोर्समेंट डायरेक्टोरेट द्वारा बर्खास्त डीएसपी जगदीश भोला के मामले में अदालत में पेश किए गए चालान में लिया गया है।
हवा में बातें करते हैं नरेंद्र मोदी
उन्होंने कहा कि मोदी हवा में बातें कर रहे हैं। सोनिया गांधी और उनके बेटे राहुल गांधी पर व्यक्तिगत हमले करते हुए बार-बार मां-बेटे की सरकार का जिक्र करने वाले मोदी पर बरसते हुए कैप्टन ने सवाल किया कि इस देश में औरतों के प्रति सम्मान होता है, खासकर माताओं और बेटियों के प्रति।
इस दौरान उन्होंने मोदी को याद दिलाया कि वह उस स्थान पर ऐसे बेशर्म व नासमझी वाले बयान दे रहे थे, जहां बाप-बेटे प्रकाश सिंह बादल और सुखबरी सिंह बादल की सरकार ने लूटपाट की है।
मोदी की कथनी-करनी में है अंतर
कैप्टन ने कहा कि जब मोदी पहली बार पंजाब के जगरांव में 23 फरवरी को रैली करने आए थे तो उन्होंने वादा किया था कि किसी भी पंजाबी किसान को गुजरात में तंग नहीं किया जाएगा। इस बात को दो माह बीत चुके हैं, लेकिन मामले में कुछ नहीं किया गया।
उन्होंने इस गंभीर मुद्दे पर बेशर्मी से चुपचाप बैठे बादलों की निंदा करते हुए कहा कि बादल अब अपने नए आका को नाराज नहीं करना चाहते। उन्होंने कहा कि मोदी की कहनी व कथनी में बहुत बड़ा अंतर है।
इस अवसर पर प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह के भाई सुरजीत सिंह कोहली, ओपी सोनी, राजकुमार वेरका, सुरिंदर सिंगला, बीर दविंदर सिंह, गुरजीत ओजला और अश्विनी कुमार पप्पू भी मौजूद रहे।