करतारपुर गलियारे पर बने पाकिस्तानी वीडियो गीत में खालिस्तानी अलगाववादी नेताओं की तस्वीरों पर पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कड़ा एतराज जताया। उन्होंने कहा कि अब यह बात साफ हो गई है कि ऐतिहासिक गलियारे के पीछे आईएसआई का हाथ होने की उनकी दलील सही है।
श्री गुरु नानक देव जी के 550वें प्रकाश पर्व के अवसर पर बुलाए पंजाब विधानसभा के विशेष सत्र के मौके पर सदन के बाहर मीडिया से अनौपचारिक बातचीत में कैप्टन ने कहा कि जब से प्रधानमंत्री ने करतारपुर गलियारा खोलने का ऐलान किया है तब से ही उन्होंने पाकिस्तान के फैसले के पीछे आईएसआई के हाथ होने की चेतावनी दी थी। सीएम ने कहा कि चाहे गलियारा खोलने की उनके सहित पूरे सिख कौम की वर्षों पुरानी मांग थी, लेकिन इसके साथ ही बहुत चौकस होने की जरूरत भी है। भारत आईएसआई के हमले को दरकिनार करने का जोखिम नहीं उठा सकता।
एक सवाल के जवाब में कैप्टन ने कहा, ‘‘वीडियो ने आईएसआई के असली और छिपे एजेंडे को जाहिर कर दिया है, जिस बारे वे पहले से ही चेतावनी देते आ रहे हैं कि आईएसआई इसके पीछे छिपा हुआ एजेंडा रख रही है। एक तरफ पाकिस्तान मानवता और दया दिखा रहा है जबकि दूसरी ओर आईएसआई की शह पर चल रहे 20-20 रेफरेंडम को आगे बढ़ाने और स्लीपर सेलों को स्थापित करने के लिए भारतीय सिखों को भड़काने में करतारपुर गलियारे का प्रयोग करने पर तुला हुआ है।’’
पाक के वीडियो में भिंडरावाले का पोस्टर
पाकिस्तान भारत के खिलाफ नापाक हरकतें करने से बाज नहीं आ रहा है। करतारपुर साहिब जाने वाले श्रद्धालुओं के स्वागत के लिए पाक सरकार द्वारा जारी थीम सांग के वीडियो में खालिस्तानी नेता जरनैल सिंह भिंडरावाले और उसके दो समर्थकों को दिखाया गया है। वीडियो खालिस्तानी समर्थक समूह, सिख फॉर जस्टिस का एक पोस्टर भी दिखाया गया है, जो सिख रेफरेंडम 2020 की मांग कर रहा है। इस बीच, एक भारतीय अधिकारी ने कहा कि पाकिस्तान इसके बहाने अलगाववाद को बढ़ावा देने की फिराक में है। इसे लेकर हमारी सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट हैं।
दरअसल, पाक के सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय द्वारा सोमवार को जारी वीडियो में भिंडरावाले के अलावा उसके सलाहकार शहबाग सिंह और अमरीक सिंह खालसा को दिखाया गया है। तीनों को भारतीय सेना ने जून 1984 में स्वर्ण मंदिर में ऑपरेशन ब्लू स्टार के दौरान मारा था। पाकिस्तानी प्रधानमंत्री इमरान खान ने भी फेसबुक पेज पर यह वीडियो पोस्ट किया है। इस बीच, पंजाब के सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह ने इस पर कड़ी प्रतिक्रिया दी और कहा कि इससे पाक की छिपी मंशा जाहिर हो गई है।
भारत पहले भी जता चुका है चिंता
भारत लगातार आशंका जताता रहा है पाकिस्तान करतारपुर कॉरिडोर के बहाने खालिस्तान समर्थकों की भावनाओं को भड़काना चाहता है। कॉरिडोर को लेकर हुई बातचीत के दौरान भारत ने पाक में खालिस्तान समर्थकों की मौजूदगी का मुद्दा गंभीरता से उठाया था। हालांकि पाक इस बात से इनकार करता रहा है कि उसका ऐसे किसी मामले में हाथ है।