पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रधान कैप्टन अमरिंदर सिंह ने राज्य में कानून व व्यवस्था की बिगड़ रही स्थिति पर चिंता जताते हुए तीखी बात कही। उन्होंने राज्य में बढ़ रहे अपराधों पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए चेतावनी दी है कि ऐसे में राज्य जंगलराज बनने की कगार पर पहुंच चुका है। यहां जारी बयान में चेतावनी देते हुए उन्होंने कहा कि पंजाब में संगठित अपराध न सिर्फ संस्थागत बनता जा रहा है, बल्कि यह चमक-दमक का जरिया भी बनता जा रहा है, जो राज्य के लिए खतरनाक है।
डीजीपी सुरेश अरोड़ा द्वारा पंजाब में रोजाना घट रही हत्या, अपहरण, लूट-खसूट की घटनाओं के संबंध में दिए बयान पर कैप्टन प्रतिक्रिया दे रहे थे। पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि अपराधिक गैंगों में कानून का डर खत्म हो चुका है और लोग खुद को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। उन्होंने पटियाला में एक स्कूली छात्रा को अगवा किए जाने का जिक्र किया, जिसके अभिभावकों को उसे सुरक्षित छुड़ाने के लिए बड़ी रकम अदा करनी पड़ी।
हालांकि, हर कोई इतना खुशकिस्मत नहीं होता कि वह सुरक्षित व जिंदा घर लौट सके, क्योंकि ऐसे कई पीड़ित होते हैं, जो अपनी जानें खो बैठते हैं। जैसे कपूरथला के युवा लड़के के साथ हुआ था, जिसके अभिभावक पैसे नहीं दे सके थे और पुलिस समय पर कार्रवाई करने में फेल रही थी।\कैप्टन ने कहा कि अकाली न सिर्फ अपराधियों को शरण दे रहे हैं, उन्होंने पुलिस का भी स्तर छोटा कर दिया है। एसएचओ व डीएसपी रैंक के अधिकारी एसएसपी की बजाय, लोकल अकाली विधायकों व हलका इंचार्जों को रिपोर्ट कर रहे हैं।
उन्होंने निचले स्तर के पुलिस अधिकारियों के रोजाना होने वाले तबादलों का भी जिक्र किया है, जो स्पष्टतौर पर अफसरों की उनके अकाली नेताओं के साथ नजदीकियों के आधार पर सियासी कारणों के चलते किए जा रहे हैं। यह सिस्टम को पूरी तरह से नष्ट करने के समान है।