पंजाब प्रदेश कांग्रेस प्रधान कैप्टन अमरिंदर सिंह ने डिप्टी सीएम सुखबीर बादल को खुली चुनौती देते हुए एक बहुत बड़ी बात कही।
उन्होंने कहा है कि अगर सुखबीर अपनी पार्टी की लोकप्रियता जांचना चाहते हैं तो विधानसभा भंग कर चुनाव करवा लें। कैप्टन ने आजाद उम्मीदवार भाई बलदीप सिंह का नामांकन रद्द किए जाने की निंदा की। उन्होंने कहा कि यह अकालियों का तानाशाही रवैया है, जो उनका डर दिखाता है। सुखबीर के बयान, ‘‘कांग्रेस उप चुनाव से भाग गई है’’, पर कैप्टन ने तीखी प्रतिक्रिया जताई।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने सिद्धांतों के आधार पर चुनाव का बायकॉट किया है। जिस मुद्दे पर विधायक रमनजीत सिंह सिक्की ने इस्तीफा दिया था, अब तक उसका हल नहीं निकला है। कांग्रेस उप चुनाव में आसानी से जीतती क्योंकि हलके के लोगों ने सिक्की के इस्तीफेका समर्थन किया है। अब जब विधानसभा का कार्यकाल एक साल रहता है, कांग्रेस के लिए एक सीट जीतना मायने नहीं रखता है।
पार्टी का मकसद बेअदबी के दोषियों और पुलिस फायरिंग केआरोपियों को सजा दिलवाना है। सत्ता में आने के बाद कांग्रेस यह जरूर करेगी। कैप्टन ने कहा कि अकालियों का डर इसी बात से सामने आ रहा है कि वे अपने विरोधियों के नामांकन पत्र ही रद्द करवा रहे हैं। अगर सुखबीर विधानसभा भंग कर चुनाव की घोषणा करते हैं तो कांग्रेस उन्हें निराश नहीं करेगी। कांग्रेस चुनाव लड़ेगी और जीतेगी।
उन्होंने कांग्रेस के अकालियों के साथ मिले होने के आरोप को लेकर आम आदमी पार्टी पर भी हमला बोला। उन्होंने आप से सवाल किया कि अगर कांग्रेस ने सिद्धांतों के आधार पर चुनाव का बायकॉट किया है तो आप ने क्यों चुनाव नहीं लड़ा। आप को चुनाव न लड़ने पर स्पष्टीकरण देना चाहिए।