पठानकोट एयरबेस पर आतंकी हमले के बाद एनएसजी के ऑपरेशन पर पंजाब प्रदेश कांग्रेस प्रधान ने गंभीर सवाल उठाए हैं।
कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कहा कि आतंकी हमले के बाद चलाया गया ऑपरेशन पूरी तरह खराबियों से भरा रहा। सात दिन बीतने के बाद भी किसी को यकीन नहीं है कि सभी आतंकियों का सफाया हो चुका है।
हम आज भी उतने ही अंजान हैं, जितने पहले दिन थे। दस साल सेना में सेवा निभा चुके कैप्टन ने कहा कि उन्होंने 1965 की जंग में भी हिस्सा लिया था।
आतंकवाद विरोधी ऑपरेशनों के लिए ट्रेनिंग व तजुर्बा रखने वाली सेना के बजाय एनएसजी को आगे लाने से ऑपरेशन को काफी वाह-वाह मिली।
पर इस दौरान हमारे जवानों की बेशकीमती जानों का नुकसान हुआ। हालातों को संभालने में पूरी तरह खराबी के चलते ऑपरेशन लंबा चला। उन लोगों के मंसूबे पूरे हुए जो ज्याद से ज्यादा मीडिया में रहना चाहते थे। यह उनका मुख्य उद्देश्य था।
कैप्टन ने जीओसी वेस्टर्न कमांड लेफ्टिनेंट जनरल केजे सिंह के उस तर्क को मानने से मना कर दिया कि सेना के बजाय एनएसजी को तैनात करना सही फैसला था।
उन्होंने कहा कि जनरल एक अनुशासित सिपाही की तरह सरकार का बचाव कर रहे हैं। कैप्टन ने कहा कि पूर्व सेना प्रमुख जनरल वीपी सिंह व अन्य सेनाध्यक्षों ने भी यही कहा है कि सेना हालात को बेहतर ढंग से संभाल सकती थी।
कैप्टन ने कहा कि एनएसजी कमांडो वहां प्रभावशाली होते हैं जहां बंधक जैसे हालात होते हैं और निशाना पूरी तरह पहचान में होता है। सेना को ऐसे ऑपरेशनों के लिए बेहतर ट्रेनिंग हासिल है। पिछले 25 सालों से सेना कश्मीर में ऐसे ही ऑपरेशनों में लगी है।