पंजाब में सत्ताधारियों और विपक्ष के बीच पिछले कई दिनों से चल रही जुबानी जंग अब मैदान पर होने वाली है।
लोकसभा में कांग्रेस के उप नेता कैप्टन अमरिंदर सिंह ने डिप्टी सीएम सुखबीर बादल की चुनौती स्वीकार कर ली है। कैप्टन ने बठिंडा में कांग्रेस की रैली करने का फैसला किया है।
बठिंडा में 23 नवंबर को हुई शिअद की सद्भावना रैली के दौरान सुखबीर ने कैप्टन को चुनौती दी थी कि वह इस जगह पर रैली करके दिखाएं और इससे ज्यादा भीड़ जुटा कर दिखाएं।
एक दिन बाद ही कैप्टन ने यह चैलेंज स्वीकार करने का एलान किया है। कैप्टन ने कहा कि कांग्रेस उसी जगह पर रैली करेगी, जहां शिअद ने की थी। कांग्रेस की रैली अकाली दल से बड़ी होगी। रैली में लोग खुद अपनी मर्जी से शामिल होंगे। उन्हें हरियाणा व राजस्थान से नहीं मंगवाया जाएगा।
बेशक इसे स्टेट स्पॉन्सरशिप नहीं मिलेगी, न ही सरकारी मशीनरी का दुरुपयोग होगा। बादल पिता-पुत्र यह न भूलें कि वह तेजी से करारा जवाब दे सकते हैं। जो खुद कांच के महलों में रहते हैं, वे दूसरों पर पत्थर नहीं फेंकते। कैप्टन ने कहा कि बठिंडा रैली ने बादलों में भरोसे की कमी का खुलासा कर दिया है, जिसे वे निराशापूर्वक दोबारा हासिल करने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन बार-बार फेल साबित होते हैं।
कैप्टन ने कहा कि वह उम्मीद करते हैं कि अब बादल पिता-पुत्र भी उनकी चुनौती स्वीकार करें। अपनी लोकप्रियता देखने लोगों के बीच आएं। उन्होंने बादलों से कहा कि कुछ बार कुछ लोगों को मूर्ख बनाया जा सकता है, लेकिन हर बार सबको मूर्ख नहीं बनाया जा सकता। इनके झूठ का गुब्बारा फट चुका है और उल्टी गिनती शुरू हो चुकी है।