बिक्रम सिंह मजीठिया ने रविवार को जहां अमृतसर से कांग्रेस प्रत्याशी अमरिंदर सिंह की गर्दन मरोड़ने की बात कही, वहीं सोमवार को अमरिंदर ने जवाबी कार्रवाई में अपने प्रतिद्वंद्वी और भाजपा के उम्मीदवार अरुण जेटली को ‘किराये का सैनिक’ करार दिया।
इसके लिए अमरिंदर ने ऑनलाइन मैदान चुना और फेसबुक के जरिए अपने प्रतिद्वंद्वी जेटली और पंजाब के मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल पर निशाना साधा।
अमरिंदर ने सोमवार दोपहर फेसबुक पर अपनी एक पोस्ट में लिखा है, ‘आजकल चुनावी दौर में राजनीति में किराये के ऐसे लोग मिलते हैं जिनका इकलौता मकसद चुनाव लड़ना होता है।
लोगों और क्षेत्र के प्रति प्रतिबद्धता कोई मायने नहीं रखती। ऐसे क्षेत्रहीन और जड़हीन लोग अब अपनी जड़ें तलाशने में जुटे हैं लेकिन इस प्रक्रिया में वे यह भूल जाते हैं कि ‘किराये के लोगों को क्षेत्र से जोड़ना आसान नहीं, इसके लिए लंबा समय चाहिए।
मेरे सम्मानित प्रतिद्वंद्वी अरुण जेटली दिल्ली में पैदा हुए और वहीं पले-बढ़े। यहां तक कि कानून की पढ़ाई भी दिल्ली में ही हुई। वह गुजरात की ओर से तीन बार (वर्ष 2000, 2006 और 2012) राज्यसभा के सदस्य भी बने लेकिन अब वह नवजोत सिंह सिद्धू से छुटकारा पाने की चाहत रखने वाले अकालियों की पसंद से अमृतसर से लोकसभा चुनाव लड़ रहे हैं।
मुझे हैरानी होती है कि गुजरात से राज्यसभा सांसद होने के बावजूद अरुण जेटली पंजाबी किसानों को मोदी द्वारा गुजरात से निकाले जाने पर चुप कैसे रहे। उन्होंने अब तक इन किसानों के बारे में कुछ नहीं कहा।’
आंख मूंद लेते हैं बादल
अमरिंदर ने अपनी पोस्ट में मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल को भी नहीं बख्शा। उन्होंने लिखा है कि खुद को किसानों का मसीहा बताने वाले मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल की खामोशी पर उन्हें हैरानी नहीं होती क्योंकि वह सिर्फ व्यक्तिगत नुकसान पर ही सजग होते हैं। बाकी के प्रति वह आंख मूंद लेते हैं।