कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष कैप्टन अमरिंदर सिंह ने नवजोत सिद्धू के लिए बहुत बड़ी बात कही, साथ ही केजरीवाल को अहंकारी करार दिया। कैप्टन फगवाड़ा में आयोजित हलके
में कैप्टन कार्यक्रम में पार्टी वर्करों और जनता की शिकायतें व सुझाव सुन रहे थे।
उन्होंने कहा कि सिद्धू मामले में केजरीवाल ने अपने अहंकार का परिचय देते सिद्धू से धोखा किया। पहले उनसे इस्तीफा दिलवा दिया और बाद में अपने किए वायदे से मुकर गए। कैप्टन ने कहा कि सिद्धू में कांग्रेस का डीएनए है और उनके परिवार से पुराने संबंध है। सिद्धू उनके संपर्क में तो नहीं हैं पर कांग्रेस में उनका हमेशा स्वागत है।
केजरीवाल द्वारा खुद के पंजाब के मुख्यमंत्री के दावेदार के तौर पर कैप्टन ने कहा कि पंजाबी एक हरियाणवी को मुख्यमंत्री कभी बर्दाश्त नही करेंगे। कैप्टन ने केजरीवाल को
निशाने पर लेते हुए कहा कि वे नौकरी के दौरान ही एक ऐसी एनजीओ परिवर्तन चलाते रहे हैं, जिसको अप्रत्यक्ष रुप से सीआईए द्वारा समर्थित फोर्ड संस्थान से फंडिंग हो
रही थी। पानी के मामले पर एनडीए पर दोहरा मापदंड अपनाए जाने और बादल की चुप्पी पर कैप्टन ने कहा कि एसवाईएल के मामले में बादल, केजरीवाल और पूरी भाजपा
ही सवालों के घेरे में है।
मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल केंद्र सरकार पर दबाव बनाएं कि एक तय समय सीमा में चंडीगढ़ पंजाब को दिया जाए। उन्होंने कहा कि लोंगोवाल राजीव समझौते के अनुसार पंजाब का चंडीगढ़ पर हक बनता है और केंद्र ने इसके बदले में हरियाणा को राजधानी बनाने के लिए बनती राशि देनी है। कैप्टन ने कहा कि पंजाब में 117 सीटों पर 1600 लोगों ने अपनी दावेदारी पेश की है। स्क्रूटनी के बाद एक सप्ताह में इन नामों को कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के पास भेजा जाएगा।
तिम निर्णय वही करेंगी। उन्होंने कहा कि पार्टी मैनिफेस्टो जनता का मैनिफेस्टो होगा, जिसको तैयार करने के लिए राजिंदर कौर भट्ठल की अगुवाई में कमेटी काम कर रही है। यह दो अक्तूबर तक तैयार हो जाएगा। इस मौके पर लोगों ने अपनी समस्याएं और शिकायतें बताई जिनको कैप्टन ने सरकार बनते हल करने का आश्वासन दिया। बाद में वह जिला अध्यक्ष जोगिंदर सिंह मान के साथ सरकार के खिलाफ दिए धरने में घायल कांग्रेसी पार्षद गुरबचन सिंह वालिया के निवास पर उनका हाल चाल जानने पहुंचे।