पंजाब भाजपा ने आरोप लगाया है कि पंजाब में कैप्टन सरकार के कार्यकाल के दो माह गुजरे हैं, लेकिन किसानों की आत्महत्याएं, बिजली की अनियमित कटौती और कांग्रेस कार्यकर्ताओं की गुंडागर्दी उनके कथित सुशासन की पोल खोल रही है।
प्रदेश भाजपा के नेता और पूर्व मंत्री मदन मोहन मित्तल, उपाध्यक्ष हरजीत सिंह ग्रेवाल, महासचिव मंजीत सिंह राय और सचिव विनीत जोशी ने मंगलवार को प्रदेश भाजपा मुख्यालय में प्रेस कांफ्रेंस में कैप्टन सरकार के दो माह के कार्यकाल का लेखाजोखा पत्रकारों से सामने रखा। पार्टी नेताओं ने कहा कि बीते 60 दिनों में मौजूदा पंजाब सरकार हर फ्रंट पर असफल नजर आई।
किसानों की आत्महत्याओं की बढ़ती घटनाएं, श्री गुरु ग्रंथ साहिब के साथ बेअदबी, कांग्रेस कार्यकर्ताओं की गुंडागर्दी, दलितों पर अत्याचार, गैंगवार, बिजली कटौती, शराब की दुकानों के विरोध में प्रदर्शन, मीडियाकर्मियों पर हमले, वीआईपी कल्चर, रेत-बजरी की कीमतों में बढ़ोतरी, दवाओं की बढ़ती कीमतें और निजी स्कूलों के मनमानी फीस वसूली के विरोध में अभिभावकों के प्रदर्शन, इन सभी समस्याओं से आम जनता को जूझना पड़ रहा है।
कांग्रेस सरकार के दो माह के कार्यकाल में सुशासन की खुली पोल
Captain Amarinder Singh
- फोटो : File Photo
भाजपा नेताओं ने कहा कि मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह के दो महीने के कार्यकाल में किसानों की आत्महत्या की घटनाओं में इजाफा हुआ है। पहले महीने यानी 16 मार्च से 15 अप्रैल तक 16 किसानों ने आत्महत्या की जबकि 16 अप्रैल और 15 मई के बीच 26 किसानों ने खुदकुशी की है।
भाजपा नेताओं ने कहा कि कांग्रेस कार्यकर्ताओं की गुंडागर्दी इतनी बढ़ गई है जिसे मुख्यमंत्री की सबसे ज्यादा सख्ती की जरूरत है। लेकिन फिर भी ऐसे मामलों की जमकर अनदेखी की जा रही है। कांग्रेसी कार्यकर्ता विपक्षी दलों के नेताओं, कार्यकर्ताओं या फिर उन्हें समर्थन देने वाले लोगों पर हमले कर रहे हैं, उनकी हत्याएं की जा रही हैं, लेकिन मुख्यमंत्री आंखें मूंदे बैठे हैं।
भाजपा नेताओं ने कहा कि निजी स्कूलों की मनमानी फीस वसूली के मामले में भी कैप्टन सरकार ने कोई ठोस कार्रवाई नहीं की। शराब माफिया भी राज्य में पैर पसार रहा है। विभिन्न स्थानों पर स्थानीय जनता खासकर महिलाएं शिक्षण संस्थान, धार्मिक स्थान और रिहायशी इलाकों में शराब की दुकानों के खिलाफ प्रदर्शन कर रही हैं, लेकिन सरकार खामोश है। भाजपा नेताओं ने कहा कि विभिन्न स्थानों पर श्री गुरु ग्रंथ साहिब, गुटका साहिब और अन्य पवित्र ग्रंथों की बेअदबी की 10 से ज्यादा घटनाएं सामने आ चुकी हैं।