सरकार के गठन से पहले ही कैप्टन अमरिंदर सिंह नशे के मुद्दे पर लेकर एक्शन मोड में आ गए हैं। कैप्टन ने पार्टी के सभी विधायकों को निर्देश दिए हैं कि वे अपने-अपने हलकों में पता लगाएं कि वहां नशे का कारोबार तो नहीं चल रहा है। साथ ही कैप्टन ने यह संकेत भी दे दिए हैं कि जिस इलाके में नशे के कारोबार का मामला सामने आएगा, उसके लिए इलाके के एसएसपी जिम्मेदार माना जाएगा।
कांग्रेस के इस एक्शन से सूबे में नशा कारोबारियों पर शिकंजा कसने की उम्मीद जगी है। कैप्टन ने अपने विधायकों को यह काम भी सौंपा है कि वे नशे के मामले में अपने इलाके के पुलिस तंत्र को मुस्तैद करें और अगर पुलिस अधिकारी इस मामले में जरा भी कोताही बरतें तो उन्हें ड्यूटी से हटा दिया जाएगा।
नशा कारोबार का खुलासा हुआ तो एसएसपी पर गिर सकती गाज
captain amrinder singh
- फोटो : File Photo
पंजाब में नशा कारोबार को गंभीर मुद्दा बनाते हुए आम आदमी पार्टी विधानसभा चुनाव में उतरी थी। आप ने जहां इस मुद्दे को लेकर अकाली दल के नेताओं पर निशाना साधा था, वहीं कांग्रेस ने इस मुद्दे को अपने मेनिफेस्टो में जगह देते हुए जनता से वादा किया था कि यदि कांग्रेस सत्ता में आई तो नशा कारोबार को एक महीने में समाप्त कर दिया जाएगा। कैप्टन अमरिंदर 16 मार्च को मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे।
हालांकि इस संबंध में पंजाब के आला पुलिस अधिकारियों से बातचीत करने पर उन्होंने ऐसे किसी आदेश से इंकार किया। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि पंजाब में नशा रोकने के लिए पुलिस पूरी तरह मुस्तैद है और नई सरकार आने के बाद भी इस मामले में पुलिस कोई ढिलाई नहीं बरतेगी।
सारे विधायकों ने अपने-अपने हलकों में अफसरों से कह दिया है कि नशे की रोकथाम के लिए सख्ती से काम करें। पार्टी ने लोगों से वादा किया है कि सूबे में नशा कारोबार खत्म करेंगे, इसलिए इस मामले में कोताही नहीं बरती जाएगी। कैप्टन साहब ने पहले ही इस बारे में साफ कर दिया था। हमारे सारे विधायकों ने जिम्मेदारी संभाल ली है।
-कुलजीत सिंह नागरा, कांग्रेस विधायक व सचिव, एआईसीसी