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कैप्टन सरकार की पहली बैठक में हुए कई बड़े एलान, देखिए

Sun, 19 Mar 2017 06:08 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
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Punjab Cabinate meeting - फोटो : अमर उजाला
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सत्ता संभालने के दो दिन बाद ही सूबे की कैप्टन सरकार ने अहम फैसला लेते हुए ड्रग्स माफिया और वीआईपी कल्चर पर बड़ी चोट की है। साथ ही बादल शासनकाल के कई अहम फैसले पलट दिए। शनिवार को मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट की पहली बैठक में सरकार ने चुनाव घोषणा पत्र पर अमल के न सिर्फ संकेत दिए, बल्कि 120 से अधिक महत्वपूर्ण फैसले लिए। 
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सरकार ने वीआईपी कल्चर खत्म करने की तरफ कदम बढ़ाते हुए मुख्यमंत्री, मंत्री और अफसरों के वाहनों पर लाल बत्ती लगाने पर रोक लगा दी है। वहीें ड्रग्स माफिया पर शिकंजा कसने की तैयारी करते हुए विशेष टास्क फोर्स (एसटीएफ) के गठन का फैसला लिया। साथ ही ड्रग माफिया की संपत्ति कुर्क करने संबंधी कानून बनाने पर भी विचार किया गया है। 

मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में सरकार ने पूर्व गठबंधन सरकार के कार्यकाल के अंतिम छह महीनों में लिए गए फैसलों के क्रि यान्वयन पर भी रोक लगा दी है और प्रशासनिक विभाग को पूर्व सरकार द्वारा लिए गए फैसलों की समीक्षा कर कैबिनेट की अगली बैठक में पेश करने को कहा है। साथ ही, राज्य में विकास कार्यों का प्रसार करने के उद्देश्य से खर्चों की पूर्ति के लिए मंत्रिमंडल ने हजारों करोड़ रुपये का ऐसा फंड, जो अभी इस्तेमाल नहीं हुआ है, को वापस लेने का फैसला किया है। यह फंड पूर्व सरकार द्वारा चुनावों के मद्देनजर विभिन्न सरकारी विभागों को जारी किया गया था। 
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महिलाओं को नौकरी में 33 फीसदी आरक्षण

कैप्टन सरकार की पहली बैठक - फोटो : अमर उजाला
मंत्रिमंडल ने चुनाव घोषणा पत्र में जनता से किए हर वादे को तय समय में पूरा करने का जिम्मा संबंधित विभागों के प्रशासकीय सचिवों को सौंपने का फैसला किया है। मंत्रिमंडल  ने इंस्पेक्टरी राज खत्म करने, कृषि कर्जों को माफ करने, कृषि एवं उद्योग को पटरी पर लाने के लिए उच्च स्तरीय कमेटियों का गठन करने, शिक्षा एवं स्वास्थ्य क्षेत्र में सुधार, दलितों एवं अन्य पिछड़े वर्गों की विभिन्न सुविधाओं में बढ़ोतरी और रोजगार के अवसर पैदा करने के लिए कई अहम फैसले भी लिए।

तीन घंटे से अधिक समय तक चली कैबिनेट बैठक के दौरान डीटीओ के अलावा हलका इंचार्ज की विवादपूर्ण प्रणाली को समाप्त करने का फैसला लिया गया। मंत्रिमंडल ने पंजाब लोकपाल एक्ट को लागू करने और सभी सब्सिडियों, पेंशनों, आशीर्वाद एवं आटा-दाल जैसी स्कीमों का लाभ डीबीटी प्रणाली द्वारा सीधे योग्य लाभपात्रियों को देने का फैसला भी किया।

महिलाओं को नौकरी में 33 फीसदी आरक्षण
सरकार ने सूबे में महिलाओं को सरकारी नौकरियों में 33 फीसदी आरक्षण देने का भी फैसला किया है, जबकि स्थानीय निकाय चुनावों में महिलाओं को 50 फीसदी आरक्षण का फैसला किया गया है। बेरोजगारी से निपटने के लिये सभी जिलों में रोजगार ब्यूरो की स्थापना की जाएगी। 
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एसवाईएल: कानूनी कदम उठाए जाएंगे

Captain Amarinder Singh - फोटो : अमर उजाला
नीव पत्थरों पर भी नहीं होगा माननीयों के नाम
मुख्यमंत्री व मंत्रियों द्वारा विकास परियोजनाओं के शिलान्यास और उद्घाटन पर रोक लगाते हुए, यह भी फैसला लिया गया कि बड़े स्तर की परियोजनाओं पर लगने वाले शिलालेख पर अब उद्घाटन करने वाले का नाम नहीं होगा। केवल इतना ही लिखा जाएगा- आपके टैक्स के पैसे से बना उपक्रम।

एसवाईएल: कानूनी कदम उठाए जाएंगे
अमरिंदर सरकार ने फैसला लिया है कि राज्य के पानी पर अधिकार की रक्षा के लिए सतलुज-यमुना लिंक नहर के मुद्दे पर कानूनी एवं प्रशासकीय स्तर पर कदम उठाए जाएंगे

नशा : सीएमओ से रखी जाएगी नजर
नशे के कारोबार पर अंकुश के लिए एसटीएफ की स्थापना मुख्यमंत्री कार्यालय में की जाएगी। जहां से सूबे में ड्रग की सप्लाई और उपयोग पर पल-पल की नजर रखी जाए और उसके हिसाब से नियंत्रण के लिए कदम उठा जा सकें। 
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