नगर निगम दफ्तर में भारी हंगामे और घमासान के बीच वीरवार शाम को हुई जनरल हाउस मीटिंग में मेयर संजीव शर्मा बिट्टू जरूरी विश्वास मत हासिल नहीं कर सके और उन्हें पद से सस्पेंड कर दिया गया। बिट्टू के हक में 25 वोट पड़े, जबकि उनके विरोध में 36 पार्षदों ने मतदान किया।
कांग्रेस ने पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह को उनके गढ़ पटियाला में ही मात दे दी। मुख्यमंत्री पद और कांग्रेस से इस्तीफा देकर नई पार्टी बना लेने के बाद अमरिंदर सिंह का यह पहला इम्तिहान था जिसमें कांग्रेस ने उनको पछाड़ दिया। अमरिंदर सिंह अपने करीबी संजीव कुमार बिट्टू की मेयर की कुर्सी बचाने के लिए वीरवार को खास तौर से पटियाला पहुंचे थे। लेकिन बिट्टू 25 के मुकाबले 36 वोट से हार गए।
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नगर निगम दफ्तर में भारी हंगामे और घमासान के बीच वीरवार शाम को हुई जनरल हाउस मीटिंग में मेयर संजीव शर्मा बिट्टू जरूरी विश्वास मत हासिल नहीं कर सके और उन्हें पद से सस्पेंड कर दिया गया। बिट्टू के हक में 25 वोट पड़े, जबकि उनके विरोध में 36 पार्षदों ने मतदान किया।
नए मेयर का चुनाव होने तक सीनियर डिप्टी मेयर योगेंद्र सिंह योगी को मेयर आफिस को चेयर करने का अधिकार दिया गया। इसकी घोषणा मीटिंग खत्म होने के बाद कैबिनेट मंत्री व पटियाला देहाती हलके से विधायक ब्रहम महिंदरा ने की। कैबिनेट मंत्री ने कहा कि जल्द ही बैठक बुलाकर नए मेयर का चुनाव किया जाएगा।
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कैप्टन के इस्तीफा देने के बाद उनके करीबी मेयर संजीव शर्मा के खिलाफ पार्टी के अंदर बगावती सुर तेज हो गए थे। एक तरफ जहां सांसद परनीत कौर बिट्टू के हक में लगातार बैठकें करके पार्षदों को लामबंद करने पर लगी थीं, वहीं दूसरी तरफ कैबिनेट मंत्री ब्रहम महिंदरा ने विरोधी पार्षदों को लेकर मोर्चा खोल रहा था।
मेयर पर दबाव बना कि बड़ी गिनती पार्षद उनके विरोध में हैं, इसलिए या तो वह नैतिकता के आधार पर इस्तीफा दें या फिर बहुमत साबित करें। जिसके बाद वीरवार को जनरल हाउस मीटिंग बुलाई गई थीं, जिसमें मेयर बिट्टू जरूरी विश्वास मत हासिल नहीं कर सके।
मीटिंग शुरू होने से पहले ही डिप्टी मेयर बैठे मिले मेयर की कुर्सी पर, हंगामा
इससे पहले शाम चार बजे रखी जनरल हाउस मीटिंग में हिस्सा लेने के लिए मेयर संजीव शर्मा जब समर्थक पार्षदों के साथ नगर निगम दफ्तर के हाल में पहुंचे, तो वहां मेयर की कुर्सी पर सीनियर डिप्टी मेयर योगेंद्र सिंह योगी बैठे थे। बिट्टू ने इसका विरोध किया, तो दोनों में तू-तू मैं-मैं हो गई।
इसी बीच कैबिनेट मंत्री ब्रहम महिंदरा वहां पहुंच गए और मेयर ने उनके सामने रोष व्यक्त किया। इस मौके मेयर ने उनके समर्थक दो पार्षदों को पुलिस द्वारा जबरन लेकर जाने के आरोप लगाकर खूब हंगामा किया। मेयर इस दौरान लगातार अपने फेसबुक पेज पर लाइव चला रहे थे।
कैप्टन की गाड़ी को निगम दफ्तर में नहीं जाने दिया, पैदल चलकर गए
मोती महल से कैप्टन अमरिंदर सिंह की गाड़ी के पीछे ही बस में मेयर अपने समर्थक पार्षदों साथ निगम दफ्तर में रखी बैठक में हिस्सा लेने को रवाना हुए। मेयर ने अपने हक में 27 पार्षद होने का दावा किया। लेकिन पुलिस द्वारा लगाए निगम दफ्तर से कुछ पहले लगाए बैरीकेट पर ही वाहनों को रोक लिया गया। जिस कारण कैप्टन समेत मेयर व पार्षदों को पैदल निगम दफ्तर जाना पड़ा। वहां एंट्री को लेकर भी पुलिस प्रशासन साथ मेयर व उनके समर्थक पार्षदों के बीच काफी कहा-सुनी हुई।
मेयर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव हुआ फेल, जरूरत पड़ने पर अदालत जाएंगे-कैप्टन
पटियाला। नगर निगम की जनरल हाउस मीटिंग से बाहर आने के बाद पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कहा कि नगर निगम के मेयर संजीव शर्मा बिट्टू के खिलाफ लाया अविश्वास प्रस्ताव फेल हो गया, क्योंकि कांग्रेस पार्टी प्रस्ताव के हक में दो तिहाई पार्षदों की हिमायत नहीं जुटा सकी। कैप्टन ने कहा कि सारा पंजाब जानता है कि आज केवल अविश्वास प्रस्ताव पर वोटिंग होनी थी। अब जब कांग्रेस हार गई, तो वह बहाने तलाश रही है। कैप्टन ने कहा कि जरूरत पड़ने पर अदालत का दरवाजा खटखटाया जाएगा।
लोगों व पार्षदों के प्रति मेयर का रवैया सही नहीं था-ब्रहम महिंदरा
कैबिनेट मंत्री ब्रहम महिंदरा ने कहा कि पटियाला शहर के लोगों व यहां तक कि अपने पार्षदों के साथ मेयर बिट्टू का रवैया सही नहीं था। इस कारण 40 पार्षदों ने उनके खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाया था, जिस कारण मेयर को आज की बैठक बुलानी पड़ी थी। इस मौके उन्होंने मेयर के हक में भुगते सभी पार्षदों को वापस कांग्रेस में आने की अपील की।