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‘मुख्यमंत्री साहब! पाकिस्तान के प्रति इतना मेहरबानी क्यों’

Mon, 24 Apr 2017 09:42 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, अमृतसर(पंजाब)
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कैप्टन अमरिंदर सिंह - फोटो : File Photo
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कैप्टन साहब! आखिर पाकिस्तान पर इतनी मेहरबानी क्यों? एक तरफ पंजाब के उद्योग महंगी बिजली के चलते दूसरे राज्यों में पलायन कर रहे हैं, दूसरी तरफ पंजाब सरकार पाकिस्तान व नेपाल को सस्ती बिजली देने की बात कर रही है। कैप्टन सरकार को पंजाब का उद्योग बचाने के लिए पहल करनी चाहिए। इसके बाद में अगर सरप्लस बिजली है तो उसे जिसे चाहें जिस भाव में दे। 
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यह मुद्दा इंडस्ट्री एंड कॉमर्स डिपार्टमेंट की कांफ्रेंस में उछला। कांफ्रेंस में अमृतसर के अलग-अलग उद्योगों से जुड़े उद्योगपतियों ने शिरकत की। जिला प्रशासन के तरफ से डीसी कमलप्रीत सिंह संघा व्यापारियों की बात पंजाब सरकार तक पहुंचाने के लिए मौजूद थे।

इस मौके पर फोकल प्वाइंट इंडस्ट्रीज एसोसिएशन के चेयरमैन कमल डालमिया ने कहा पंजाब के उद्योगपतियों को 7.7 रुपये की दर से बिजली दी जा रही है और जम्मू-कश्मीर में प्रति यूनिट बिजली की दर तीन रुपये है। हिमाचल प्रदेश में उद्योग को बढ़ावा देने के लिए बिजली व अन्य रियायती पैकेज मिल रहे हैं। वहीं, गुजरात में उद्योग को प्रति यूनिट पांच रुपये बिजली मिल रही है। कैप्टन अमरिंदर सिंह ने पंजाब के उद्योग को प्रति यूनिट पांच रुपये बिजली देने का वादा किया है।यह वादा कब पूरा होगा यह पंजाब के उद्योगपतियों को नहीं पता।
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फोकल प्वाइंट में डिस्पेंसरी तक नहीं

- फोटो : File Photo
केवल सुझाव ही मांगे जाते हैं
लघु उद्योग भारती के अध्यक्ष डॉ. जेपी सिंह ने कहा कि पंजाब के उद्योगपतियों से उद्योग नीति के लिए सुझाव कई बार मांगे गए। सुझाव मिलने के बाद भी सरकार ने अमल नहीं किया। यही वजह है कि धीरे-धीरे पंजाब का व्यापार दूसरे राज्यों में शिफ्ट होता चला गया। पंजाब में 1.60 लाख उद्योग रजिस्टर्ड हैं जबकि 40 हजार उद्योग अनरजिस्टर्ड हैं।  कैप्टन सरकार को पंजाब में उद्योग बचाने के लिए जल्द ही उद्योग नीति को अमल में लाना लाजिमी है।

फोकल प्वाइंट में डिस्पेंसरी तक नहीं
पंजाब व्यापार मंडल के प्यारा लाल सेठ ने कहा  कि पंजाब सरकार को मजदूरों के लिए विशेष सहूलियतें देनी चाहिए। फोकल प्वाइंट में मजदूरों के लिए डिस्पेंसरी तक नही है। व्यापारियों को रिफंड लेने के लिए दफ्तरों के चक्कर काटने पड़ते हैं। राज्य सरकार को व्यापार बढ़ाने के लिए स्पेशल वर्कशाप आयोजित करनी चाहिए। दूसरे राज्यों के उद्योगों को पंजाब में लाने के प्रयास होने चाहिए। जीएसटी लागू हो रहा है लेकिन इसके बारे में अधिक जानकारी व्यापारियों को नहीं है। जीएसटी को लेकर वर्कशाप आयोजित की जानी होने चाहिए।

इंडस्ट्री एंड कॉमर्स विभाग के डायरेक्टर राकेश कुमार वर्मा ने व्यापारियों को आश्वासन दिलाया कि पंजाब में उद्योग को बढ़ावा देने के लिए पंजाब सरकार उद्योग नीति जल्द ही लागू करने जा रही है। योजना तैयार हो चुकी है। कभी भी कैप्टन सरकार इस बारे में घोषणा कर सकती है। डीसी कमलदीप सिंह संघा ने उनकी आवाज पंजाब सरकार तक पहुंचाने का वादा करते हुए अपील की है कि उद्योगपति ग्रामीण इलाकों, खासकर बार्डर इलाकों में उद्योग स्थापित करे, ताकि भारत-पाकिस्तान सीमावर्ती क्षेत्रों को रोजगार मिल सके।
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