सांसद कैप्टन अमरिंदर सिंह ने केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह को चेतावनी दी है कि वह हरियाणा के लिए अलग एसजीपीसी के मुद्दे पर मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल और उप मुख्यमंत्री सुखबीर बादल के हाथों गुमराह न हों। अच्छा होगा यदि भारत सरकार इस मामले को न छेड़े।
बादलों द्वारा केंद्रीय गृह मंत्री से मिलकर हरियाणा के सिखों के लिए अलग एसजीपीसी न बनने दिए जाने की अपील पर कैप्टन ने कहा है कि यह न सिर्फ राज्य के संवैधानिक और वैधानिक अधिकार में दखल होगा, बल्कि हरियाणा के सिखों की भावनाओं की अनदेखी होगी।
सांसद ने केंद्रीय गृह मंत्री को दिल्ली, बिहार और महाराष्ट्र जैसे स्थानों पर काम कर रही अलग गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटियों के बारे में बताया है। उन्होंने पूछा कि जब यह राज्य अपनी स्वतंत्र गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटियां बना सकते हैं, तो फिर हरियाणा के सिखों के समानाधिकार को क्यों नकारा जा रहा है।
बादलों के दावों कि हरियाणा में अलग कमेटी सिखों को बांट देगी, पर कैप्टन ने कहा है कि बादलों व इनके नियंत्रण वाली अकाली दल को छोड़कर पंजाब के ज्यादातर सिख व सियासी संगठन पहले ही हरियाणा के लिए अलग गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के हक में आवाज बुलंद कर चुके हैं।
बादल और एसजीपीसी प्रधान आरोप लगा रहे हैं कि हरियाणा की कांग्रेस सरकार आगामी चुनावों में सिखों का समर्थन हासिल करने के लिए यह कदम उठा रही है, जिससे साबित होता है कि हरियाणा के सिख ऐसा चाहते हैं।