पंजाब में रोजाना नशे की वजह से मरने वालों की संख्या बढ़ रही है। अब इस मामले में पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कड़ा रूख अख्तियार कर लिया है। उन्होंने कई अधिकारियों को भी नशे की तस्करी को रोकने के लिए हिदायत दी है। पंजाब में नशे के शिकार हुए लोगों से मिलने के लिए मुख्यमंत्री ने एक समिति का गठन किया है। सोमवार को मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह खुद इस समिति से मुलाकात करेंगे।
इसकी जानकारी उन्होंने अपने आधिकारिक ट्विटर अकाउंट में ट्वीट करते हुए दी। उन्होंने ट्वीट करते हुए लिखा कि, '' पिछले कुछ दिनों से नशे की वजह से मृत्यु में वृद्धि हुई है। हमने एक समिति का गठन किया है, जो रोजाना लोगों से मिलने जा रही है और सोमवार को उस समिति से मैं खुद मिलने जा रहा हूं। यह देखना है कि इस सप्ताह क्या कार्रवाई हुई है? यहां जो हो रहा है वो अस्वीकार्य है।''
गौरतलब है कि, पंजाब के फिरोजपुर समेत सूबे के अलग-अलग हिस्सों में पिछले एक सप्ताह में 17 लोगों की मौत नशे की वजह से हो चुकी है।
नशे के सौदागरों के लिए पंजाब ने मांगी फांसी
मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह
पंजाब सरकार नशे के सौदागरों को सजा-ए-मौत देने के लिए केंद्रीय कानून चाहती है। सोमवार को हुई कैबिनेट की मीटिंग में प्रस्ताव पास कर इस संबंध में केंद्र सरकार को सिफारिश भेजने का फैसला किया गया था।
पिछले कई दिनों से सूबे में नशे के ओवरडोज से हो रही मौतों से विपक्ष के तीखे हमले झेल रहे सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह ने सिर्फ नशे के मुद्दे पर ही कैबिनेट की बैठक बुलाई थी। इसमें नशा तस्करों को मौत की सजा देने की सिफारिश केंद्र को भेजने का फैसला किया गया। सरकारी प्रवक्ता ने बताया कि अब जल्द ही यह सिफारिश केंद्र को भेजी जाएगी।
इस दौरान सीएम की अगुवाई में एक कैबिनेट सब-कमेटी गठित की गई। इसमें सेहत और सामाजिक सुरक्षा मंत्री को शामिल किया गया है। यह कमेटी नशे के सौदागरों पर कार्रवाई की साप्ताहिक समीक्षा करेगी। यह हर हफ्ते मीटिंग कर नशों के खिलाफ मुहिम का जायजा लेगी। कैबिनेट ने अतिरिक्त मुख्य सचिव (गृह) एनएस कलसी की अगुवाई में एक विशेष कार्य समूह के गठन का भी फैसला किया। यह नशे की रोकथाम के लिए उठाए जा रहे कदमों की नियमित तौर पर निगरानी और समीक्षा करेगा। यह ग्रुप सरकारी कार्रवाई का जायजा लेकर रणनीति तैयार करेगा।
ग्रुप सीधे कैबिनेट सब-कमेटी को रिपोर्ट करेगा। इस ग्रुप में अतिरिक्त मुख्य सचिव (सेहत) सतीश चंद्रा, डीजीपी इंटेलिजेंस दिनकर गुप्ता, एडीजीपी (कानून व्यवस्था) ईश्वर सिंह और एडीजीपी एसटीएफ एचएस सिद्धू शामिल होंगे। मीटिंग की शुरुआत से पहले सभी ने अफगानिस्तान में आतंकी हमले में मारे गए सिखों, नशों के ओवर डोज से मरने वाले नौजवानों और आत्महत्या करने वाले किसानों की याद में एक मिनट का मौन रखा।