कैप्टन अमरिंदर सिंह (फाइल फोटो)
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पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने केंद्र सरकार द्वारा प्रदर्शनकारी किसानों को दिल्ली में प्रवेश की अनुमति देने के फैसले का स्वागत किया है। इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने केंद्र के कदम के बावजूद किसानों को रोकने के लिए जोर-जबरदस्ती का प्रयोग जारी रखने पर हरियाणा की मनोहर लाल सरकार की कड़ी आलोचना की है।
हरियाणा सरकार की कार्रवाई की निंदा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार ने भले ही किसानों को रोष प्रकट करने के अपने लोकतांत्रिक हक के लिए राष्ट्रीय राजधानी में प्रवेश की इजाजत दे दी है लेकिन हरियाणा सरकार अभी भी दिल्ली की तरफ कूच कर रहे किसानों के विरुद्ध टकराव वाली स्थिति बरकरार रखे है।
कैप्टन ने केंद्र सरकार को कृषि कानूनों पर किसानों की चिंता के हल के लिए बातचीत तुरंत शुरू करने और इस ज्वलंत मुद्दे को हल करने की फिर अपील की। उन्होंने कहा कि इस समस्या का शांतिपूर्ण और सुखद हल ढूंढने के लिए पहला कदम उठाया गया है लेकिन केंद्र सरकार को किसान संगठनों के साथ बातचीत के लिए अब आगे बढ़ना चाहिए। ये कृषि कानून किसानों के जीवन और रोजी-रोटी के लिए खतरा बने हुए हैं।
हरियाणा सरकार ने बेशर्मी से सड़कों में गड्ढे खोदे : कैप्टन
मुख्यमंत्री ने हरियाणा के मुख्यमंत्री को संबोधित करते हुए कहा, ‘ऐसे सख्त कदम उठाने की जरूरत क्या है। ऐसा न करने की जरूरत है।’ मुख्यमंत्री ने शांतिपूर्ण किसानों के साथ हरियाणा सरकार के बर्ताव की सख्त आलोचना की। उन्होंने हरियाणा सरकार द्वारा किसानों को रोकने के लिए इस्तेमाल किए तौर-तरीकों पर हैरानी जाहिर करते हुए कहा कि राष्ट्रीय मार्ग पर गड्ढे खोदकर सार्वजनिक संपत्ति का भी नुकसान किया गया है।
कैप्टन ने किसानों के संयम को सराहा
मुख्यमंत्री ने किसानों द्वारा हरियाणा पुलिस की क्रूरता के बावजूद दिखाए गए संयम की सराहना की। उन्होंने कहा कि किसानों के रवैये ने यह दिखा दिया कि उनकी टकराव करने में कोई रुचि नहीं है। वे तो सिर्फ यह चाहते हैं कि उनकी आवाज सुनी जाए जोकि उनका कानूनन हक है। ठंड के इस मौसम में किसानों पर आंसू गैस के गोले दागने और पानी की बौछारें करने के बावजूद किसान संयमित रहे हैं और न ही उन्होंने अमन-कानून की समस्या पैदा की।