कैप्टन ने कहा कि यदि राज्य का विभाजन न होता तो संसद में पंजाब की नुमाइंदगी कई गुना अधिक होती और दिल्ली में पंजाब का दबदबा होता, जिससे इसके हितों को दरकिनार करने का सवाल ही पैदा नहीं होना था। उन्होंने संसद में राज्य के सिर्फ 13 सांसद होने पर अफसोस ज़ाहिर करते हुए कहा कि पंजाब की आवाज सुनी नहीं जा रही और खासतौर पर अन्य राज्यों की तरफ से भी अब गेहूं का उत्पादन शुरू कर देने से केंद्र महसूस करने लगा है कि अनाज की सुरक्षा के लिए अब पंजाब की जरूरत नहीं रही। सीएम ने कहा, ‘‘केंद्र की सरकारों ने पंजाब का इस्तेमाल करके छोड़ दिया।
कैप्टन ने इन सवालों के भी दिए जवाब
- मुख्यमंत्री ने केंद्र के उस फैसले का स्वागत किया, जिसमें उनकी अपील पर टिड्डी दल के हमले को रोकने के लिए हेलीकॉप्टरों द्वारा स्प्रे की आज्ञा दी गई है। उन्होंने आशा व्यक्त की है कि टिड्डी दल से पंजाब का बचाव हो जाएगा। उन्होंने कहा कि एमआई-17 को रसायनों के स्प्रे के लिए रखा गया है और यह काम राजस्थान से जल्द शुरू हो जाएगा।
- कोविड पर मुख्यमंत्री ने कहा कि स्थिति ठीक नहीं है। जैसे भारत में निरंतर केस बढ़ रहे हैं, पंजाब में भी संख्या 6000 को पार कर गई है और अब तक 157 मौतें हो गई हैं। उन्होंने सभी एहतियातों के पालन पर जोर देते हुए कहा कि मास्क लगाना और सामाजिक दूरी का पालन यकीनी बनाया जाए। उन्होंने कहा कि हर रोज नियमों के उल्लंघन के 4000-5000 केस दर्ज हो रहे हैं, जिनमें सड़कों पर थूकने के मामले भी शामिल हैं। उन्होंने लोगों से अपील की कि वह अपनी और पंजाब की सुरक्षा के लिए सेहत सलाह का पालन करें। मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘हम सिर्फ कंट्रोल कर सकते हैं, इलाज नहीं ’’। मुख्यमंत्री ने लोगों की तरफ से सरपंचों और अन्य की तरफ से मिशन फतेह के हिस्से के तौर पर साझी की गई सारी हिदायतों का पालन करने की हिदायत दी।
- डॉक्टरों, पैरा मेडिकल और नर्सों की भर्ती के सवाल पर उन्होंने स्पष्ट किया कि कैबिनेट की मंजूरी के साथ भर्ती प्रक्रिया को तेज किया जा रहा है। कैबिनेट की तरफ से कोविड के साथ ताकतवर होकर निपटने के लिए यह विशेष फैसला किया गया है।