फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

कैप्टन ने कहा- 84 दंगों की एफआईआर में दर्ज आरएसएस-भाजपाइयों का मुद्दा उठाएं अकाली

Fri, 11 Jan 2019 12:52 AM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
विज्ञापन
Capt Amarinder Singh - फोटो : ANI
विज्ञापन

पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने 1984 दंगों के संबंध में गांधी परिवार की भागीदारी को लेकर शिअद प्रधान सुखबीर बादल द्वारा बार-बार लगाए जा रहे आरोपों का जवाब देते हुए कहा है कि अगर बादल सिख भाईचारे के हितों की रक्षा करने के प्रति गंभीर हैं तो उन्हें 1984 के दंगों में दर्ज एफआईआर में शामिल बीजेपी और आरएसएस के वर्करों का मुद्दा उठाना चाहिए। 

विज्ञापन


केंद्रीय मंत्री हरसिमरत कौर बादल द्वारा मुख्यमंत्री और प्रदेश की कांग्रेस सरकार पर लगाए गए आरोपों का जवाब देते हुए कैप्टन ने कहा कि शिअद पर काबिज बादल परिवार ने अपने संकुचित राजनीतिक हितों के लिए हमेशा ही धर्म का प्रयोग किया है। इसे राज्य में बेअदबी की घटनाओं की जांच करने वाले आयोग ने भी नंगा किया है। उन्होंने कहा कि 1984 के दंगों के मामले से भी यह पुष्टि होती है कि बादलों ने अपने निजी हितों के लिए धर्म का दुरुपयोग किया। 

उन्होंने कहा कि सुखबीर बादल गांधी परिवार का नाम बार-बार इस मामले में घसीट रहे हैं जबकि यह परिवार वहां था ही नहीं। उन्होंने कहा कि गांधी परिवार के विरुद्ध एक भी सबूत नहीं है। उन्होंने कहा कि करतारपुर के मुद्दे पर खेल खेलने की जगह बादलों को अपनी हिस्सेदार भाजपा पर दबाव डालना चाहिए कि वह बिना किसी देरी के गलियारे के विकास संबंधी जरूरी फंड जारी करे।

विज्ञापन
विज्ञापन

- फोटो : File Photo
कैप्टन ने कहा कि हरसिमरत ने अपने बयान में अनजाने ही इस बात के संकेत दे दिए हैं कि केंद्र करतारपुर गलियारे के विकास के लिए फंड जारी करने में नाकाम रहा है। हरसिमरत के दावों के उलट मुख्यमंत्री ने कहा कि करतारपुर गलियारा उनकी सरकार का मुख्य प्रोजेक्ट है और उनकी सरकार इसके लिए केवल तभी ज़मीन हासिल कर सकती है, अगर केंद्र सरकार इसकी शिनाख्त करे।

आपके अपने हित, मैं प्रदेश व पार्टी का वफादार 
पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने अकाली नेता हरसिमरत कौर बादल द्वारा उनकी वफादारी पर उठाए सवाल का कड़ा जवाब देते हुए कहा है कि वह अपने राज्य और अपनी पार्टी के प्रति वफादार हैं जबकि केंद्रीय मंत्री हरसिमरत समेत सारा बादल परिवार निजी हित साधने में लगे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि हरसिमरत कौर और बादलों के लिए न तो पंजाब और यहां के लोग और न ही सिख पंथ, कोई महत्व रखता है, जिनका अकाली अक्सर संरक्षक होने का ढींढोरा पीटते हैं। कैप्टन ने कहा कि बादल परिवार सिर्फ और सिर्फ अपने संकुचित हितों के साथ ही वफादारी निभाता आया है।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें