पिछले साल अक्टूबर में किसान आंदोलन के बीच पाकिस्तान ने सरहद पर ड्रोनों की हलचल तेज की थी। इसे पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने गंभीरता से लिया और कहा कि जब तक मैं हूं, किसी खालिस्तानी और पाकिस्तानी या अन्य किसी आतंकवादी गतिविधि को राज्य के अमन-चैन में बाधा पैदा करने नहीं दूंगा।
राष्ट्रीय सुरक्षा के खतरे को वास्तविक बताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने इस गंभीर मुद्दे पर विचार करने के लिए किसान आंदोलन के दौरान केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की थी और उन्हें कहा था कि केंद्रीय बलों को ड्रोन ढूंढकर मार गिराने के लिए उपयुक्त साजो-सामान मुहैया क्यों नहीं करवाया जा सकता।
कैप्टन ने कहा कि पंजाब में इस समय खालिस्तानी सेल सक्रिय नहीं हैं लेकिन उन्हें ड्रोनों के जरिए हथियार दिए जा रहे हैं, ताकि उन्हें गड़बड़ी पैदा करने के लिए सक्रिय किया जा सके। अपनी सरकार के चार वर्ष पूरे होने पर मीडिया से बातचीत के दौरान कैप्टन ने कहा कि पंजाब की सरहद पर किसी तरह की सेंध का मतलब राष्ट्रीय सुरक्षा में सेंध है।
जो पकड़े नहीं गए, वह हथियार कहां गए: कैप्टन
कैप्टन ने कहा कि भले ही सरहद के पास से बड़ी संख्या में हथियार पकड़े गए हैं लेकिन चिंता उन हथियारों की है, जो पकड़े नहीं गए। उन्होंने कहा, 'मैं इस बात से चिंतित हूं कि वे हथियार गए कहां।' मार्च, 2017 में उनकी सरकार आने से लेकर गिरफ्तारियों और बरामदगियों का विवरण साझा करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि आतंकवादियों और गैंगस्टरों के 333 गिरोह पकड़े गए जबकि 3472 आतंकवादी/गैंगस्टर गिरफ्तार किए गए हैं।
उन्होंने बताया कि 10 ड्रोन पकड़े गए हैं। इसके अलावा 2000 से अधिक हथियार (राइफल्स, रिवॉल्वर, पिस्तौल आदि), हैंड ग्रेनेड, आरडीएक्स और अन्य विस्फोटक सामग्री, वॉकी-टॉकी और सैटेलाइट फोन बरामद किए गए हैं। इसी तरह 11000 गोली-सिक्का जब्त किया गया। उन्होंने बताया कि पंजाब जैसे छोटे राज्य के लिए यह संख्या कम नहीं है।