वर्ल्ड हेरिटेज कैपिटल कॉम्पलैक्स देखने के शौकीन लोगों और पर्यटकों को बहुत जल्दी बड़ा झटका लग सकता है। दरअसल, कैपिटल कॉम्पलैक्स को देखने के लिए भी लोगों को अब पैसे देने होंगे। एंट्री ही टिकट खरीदने के बाद होगी। इसे लेकर यूटी प्रशासन ने प्रस्ताव तैयार करना शुरू कर दिया है। 15 अगस्त के बाद से टिकट लगाने की योजना है। यह टिकट 20 से 50 रुपये के बीच होगी। कैपिटल काम्प्लेक्स के संरक्षण और इसमें सुविधाएं मुहैया करवाने के लिए प्रशासन की ओर से यह फैसला लिया गया है।
संरक्षण और सुविधाओं के लिए नियमित बजट की जरूरत होगी। लेकिन प्रशासन के पास कैपिटल काम्प्लेक्स के लिए अलग से बजट का कोई प्रावधान नहीं है। यूनेस्को से भी इसके लिए अलग से कोई फंड नहीं मिलेगा। टूरिस्ट इंफोर्मेशन सेंटर से ओपन हैंड मॉन्यूमेंट तक ब्रिज के ऊपर से पैदल रास्ते पर पैडेस्ट्रिन लाइटें लगेंगी। इसी रास्ते से टूरिस्ट का आना-जाना होगा। प्लाजा में कोई भी गाड़ी प्रवेश नहीं कर सकेगी। जजों की गाड़ियों केलिए भी प्रशासन दूसरी तरफ पार्किंग बनाएगा।
इन चीजों के लिए चाहिए बजट
बिल्डिंग और मॉन्यूमेंट्स की मेंटेनेंस- फिलहाल पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट, विधानसभा और सेक्रेटेरिएट बिल्डिंग की मेंटेनेंस का काम इंजीनियरिंग विभाग देखता है। लेकिन मॉन्यूमेंट्स और प्लाजा के लिए ऐसा कोई प्रावधान नहीं है। साथ ही पूरे प्लाजा में पार्क की ग्रास कटिंग और पेड़ों की देखरेख भी करनी होगी। इन सब पर काफी बजट खर्च होगा। पूरे काम्प्लेक्स को खूबसूरत बनाना है। अभी काम्प्लेक्स में फूलों के पौधे ना के बराबर हैं। पूरे प्लाजा में फूलों के पौधे लगाए जाने हैं। जिससे प्लाजा हरा-भरा दिखे।
स्नैक्स और वॉटर कियोस्क
कॉम्प्लेक्स में स्नैक्स और वॉटर के कभी भी हटाए जा सकने वाले कियोस्क लगाए जाने हैं। इन कियोस्क पर भी काफी खर्च आएगा। कियोस्क के लिए भी बजट की जरूरत पड़ेगी। अभी पूरे ओपन प्लाजा में इस तरह की कोई व्यवस्था नहीं है। टूरिस्ट इंफोर्मेशन सेंटर में भी जो छोटी कैंटीन शुरू की गई थी वह बंद हो चुकी है।
शौचालय की व्यवस्था
काम्प्लेक्स में अभी शौचालय की भी दिक्कत है। ओपन प्लाजा में इस तरह की कोई व्यवस्था नहीं है। टूरिस्ट इंफोर्मेशन सेंटर और बिल्डिंग के अंदर ही ही शोचालय बने हैं। ऐसे में कई बार टूरिस्ट को परेशानी उठानी पड़ती है। प्रशासन काम्प्लेक्स केप्लाजा में शौचालय की व्यवस्था भी करेगा।
फाउंटेन भी होंगे शुरू
हाईकोर्ट और विधानसभा के दोनों ओर बने पौंड में फाउंटेन भी शुरू किए जाएंगे। साथ ही मछलियां भी छोड़ने की योजना है। टूरिस्ट को आकर्षित करने केलिए इस योजना पर भी काम हो रहा है। इसकेलिए भी अलग से बजट की जरूरत है। जो टिकट की राशि से पूरी होगी।
रॉक गार्डन देखने की लगती 20 रुपये की टिकट
रॉक गार्डन देखने की भी 20 रुपये की टिकट लगती है। रॉक गार्डन के बाद कैपिटल कॉम्प्लेक्स चंडीगढ़ का दूसरा टूरिस्ट प्वाइंट होगा जिसको देखने की टिकट लगेगी। रॉक गार्डन सोसायटी टिकट के पैसे से ही फेज वाइज रॉक गार्डन का आगे निर्माण और मेंटेनेंस करवाती है। इसी की तर्ज पर कैपिटल काम्प्लेक्स में भी टिकट लगेगी।