चंडीगढ़ हाउसिंग बोर्ड (सीएचबी) की महिला कर्मचारी के यौन उत्पीड़न के आरोपों के बाद जांच तेज हो गई है। सीसीटीवी की मदद से पूरे मामले की हकीकत सामने आ सकती है। सीएचबी कार्यालयों में लगे कैमरों से यह पता लगाया जा रहा है कि महिला कर्मचारी के कक्ष में कौन कब आता-जाता रहा है। इसके अलावा महिला ज्यादातर किन कर्मचारियों के रूम में आती जाती रही है।
सीसीटीवी फुटेज से आरोपियों की पहचान की जाएगी। सीएचबी कार्यालय में तैनात महिला अधिकारी गगनदीप के नेतृत्व में बनी जांच कमेटी एक सप्ताह में अपनी रिपोर्ट बोर्ड के सीईओ को सौंप देगी। जांच अधिकारी को मंगलवार को अपनी रिपोर्ट फाइनल करनी है, इसलिए जांच तेज कर दी गई है। सीएचबी बिल्डिंग्स के संबंधित कार्यालयों में लगे सभी सीसीटीवी को खंगाला जा रहा है।
जांच टीम ज्यादातर उन कार्यालयों के कैमरों के फुटेज की जांच पड़ताल करने में जुटी है, जहां से महिला के आने-जाने का रास्ता है। यह जानने की कोशिश की जा रही है कि कौन-कौन महिला के ऑफिस में अक्सर आता-जाता था। इसके अलावा महिला किसी के बुलाने या फिर किस वजह से कर्मचारियों के कार्यालयों में जाती रही है।
बीते सोमवार को महिला कर्मचारी ने अपने ही विभाग के 11 कर्मचारियों के खिलाफ बोर्ड के चाीफ एग्जीक्यूटिव आफिसर (सीईओ) के पास यौन उत्पीड़न की शिकायत की थी। सीईओ के शहर से बाहर होने के चलते विभाग के दूसरे वरिष्ठ अधिकारियों ने मामले को लेकर जांच कमेटी गठित कर आरोपियों को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है। महिला ने जिन 11 कर्मचारियों पर आरोप लगाए गए हैं, उनमें दो महिला और दो रिटायर कर्मचारियों भी शामिल हैं।
बोर्ड की एक महिला अधिकारी को जांच सौंपी गई है। जांच कमेटी एक सप्ताह में अपनी रिपोर्ट दे देगी। रिपोर्ट में दोषी मिलने पर किसी कर्मचारी को बख्शा नहीं जाएगा। कड़ी कार्रवाई होगी।
- हरीश नैय्यर, सीईओ, चंडीगढ़ हाउसिंग बोर्ड