चंडीगढ़। पीजीआई में कैंसर का इलाज कराने आने वाले मरीजों के लिए राहत की खबर है। संस्थान 40 करोड़ रुपये से कैंसर के इलाज की अत्याधुनिक मशीनें खरीदने जा रहा है। खरीद की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। उम्मीद जताई जा रही है कि जल्द ही मरीजों को कम समय में बेहतर इलाज उपलब्ध होने लगेगा। मशीनें खरीदने का कारण पुरानी मशीनों का ज्यादा दबाव सहन करने में असफल होना और मरीजों की संख्या का तेजी से बढ़ना है। ऐसे में पीजीआई प्रशासन ने रेडियोथैरेपी विभाग के साथ मिलकर इस योजना को अमलीजामा पहनाया है। पीजीआई रेडियोथैरेपी और ओंकोलॉजी व टेरटरी कैंसर सेंटर के प्रमुख प्रो. राकेश कपूर ने बताया कि विभाग के बचे हुए बजट का उपयोग कर मरीजों के लिए बेहतर व्यवस्था बहाल करने की तैयारी है। प्रो. कपूर ने बताया कि मौजूदा समय में जिस लिनियर एक्सीलरेटर से मशीनों को थैरेपी दी जा रही है वे काफी पुरानी हो गई है। वहीं मरीजों का दबाव भी काफी ज्यादा बढ़ रहा है। ऐसे में कैंसर के मरीजों को बिना विलंब इलाज मुहैया कराने के उद्देश्य से कई मशीनों की खरीद की तैयारी है। इसमें ब्रेकी थैरेपी से जुड़े उपकरण, सीटी सैम्यूलरेटर और हाई एनर्जी लिनियर एक्सीलरेटर मशीन शामिल है।
पीजीआई में इलाज बेहद सस्ता
पीजीआई में लियिनर एक्सीलरेटर मशीन से इलाज पर मरीज को 15 हजार रुपये खर्च करने पड़ते हैं। बाहर इसका शुल्क दो से ढाई लाख रुपये तक है इसलिए कैंसर के मरीजों के इलाज में इस मशीन का महत्वपूर्ण रोल है।
संक्रमित सेल को लक्ष्य बनाकर करता है खत्म
लीनियर एक्सीलरेटर से सीधे कैंसर ट्यूमर वाले हिस्से पर रेडिएशन डाला जाता है जो दूसरे सेल को खत्म करने के बजाय केवल कैंसर सेल को खत्म करता है। इसमें दूसरी मशीनों के मुकाबले ज्यादा रेडिएशन निकलता है। ज्यादातर अस्पतालों में कोबाल्ट मशीन से कैंसर के जख्म की सिकाई की जाती है। इससे जख्म के आसपास की मांसपेशियां भी प्रभावित होती हैं। मरीज को साइड इफेक्ट भी होते हैं। लीनियर एक्सीलेरेटर मशीन से साइड इफेक्ट नहीं होते हैं। मरीजों को पीड़ा भी कम होगी।
पीजीआई में तीन सालों में मरीजों की संख्या
साल कैंसर के मरीज
2020 3791
2021 4786
2022 7109
इनसेट-
स्तन कैंसर बढ़ रहा तेजी से (पीजीआई के आंकड़े)
वर्ष स्तन कैंसर गर्दन और सिर का कैंसर फेफड़े का कैंसर
2020 570 509 175
2021 622 538 176
2022 857 928 279
कोट
कैंसर के मरीजों को बेहतर इलाज मुहैया कराने के लिए अत्याधुनिक उपकरणों की खरीद की रूपरेखा तैयार कर खरीद की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इससे हम कम समय में ज्यादा मरीजों को इलाज उपलब्ध करा सकेंगे।
-प्रो. राकेश कपूर, पीजीआई रेडियोथेरेपी और ओंकोलॉजी व टेरटरी कैंसर सेंटर के प्रमुख