हरियाणा में बढ़ते कैंसर मरीजों की संख्या को देखते हुए हरियाणा सरकार ने इस गंभीरता से लिया है। अब हरियाणा सरकार बढ़ते कैंसर के कारणों को जानने के लिए अध्ययन कराएगी। इस अध्ययन को पीजीआईएमईआर, चंडीगढ़ से करवाने के लिए जल्द ही एक पत्र स्वास्थ्य विभाग द्वारा लिखा जाएगा। यह जानकारी प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज ने दी। वह सोमवार को स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक कर रहे थे।
विज ने स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों को इस संबंध में एक प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए हैं। कैंसर के अध्ययन में फर्टिलाइजर के उपयोग, पर्यावरण बदलाव, लोगों के खानपान का असर, जीवन शैली में बदलाव, व्यायाम न करने इत्यादि के बारे में अध्ययन होगा, ताकि बढ़ रहे कैंसर रोग की रोकथाम की जा सके और लोगों से अपील भी की जा सके कि अमुक में बदलाव करें। इसके अलावा, बैठक में अटल कैंसर केयर सेंटर, अंबाला के संबंध में भी चर्चा और विचार-विमर्श किया गया। बैठक में स्वास्थ्य विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ जी. अनुपमा तथा अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
डरा रहे हैं कैंसर के आंकड़े
इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च के नेशनल कैंसर रजिस्ट्री प्रोग्राम (एनसीआरपी) के अनुसार हरियाणा में पिछले लगभग दो सालों में कैंसर के 1632 मरीज बढ़े हैं। इनमें जो सबसे ज्यादा मामले हैं, वो मुंह, स्तन और गर्भाशय ग्रीवा कैंसर के है। आंकड़ों के मुताबिक हरियाणा में 2020 में 29,219 मामले थे. वही 2022 में 1632 नए मामले सामने आए। अब तक हरियाणा में 30851 मामले हो चुके है। 2020 से 2022 के बीच दो सालों में 888 लोगों की कैंसर से मौत हो चुकी है।