पंजाब यूनिवर्सिटी में बोर्ड पर लिखी गई हिन्दी
कहने को तो पंजाब यूनिवर्सिटी देश के बड़े विश्वविद्यालयों में से एक है, लेकिन हिन्दी में हाथ इतना तंग है कि देखकर आप माथा पीट लेंगे। पंजाब यूनिवर्सिटी छात्रों, फैकल्टी और पीयू में आने वाले अन्य लोगों को पर्यावरण जागरूकता का संदेश देना चाहती है।
इसके चलते पीयू कैंपस में विभिन्न जगहों पर बड़े-बड़े लोहे के जागरूकता बोर्ड लगाए जा रहे हैं। इनके एक तरफ हिंदी तो दूसरी तरफ अंग्रेजी में पर्यावरण जागरूकता संदेश लिखवाए गए हैं, लेकिन इन जागरूकता बोर्डों पर जो हिंदी में संदेश लिखवाए गए हैं, उनमें काफी गलतियां हैं। शब्दों में जहां मात्राओं का ही ध्यान नहीं रखा गया है,
वहीं कहीं शब्दों को तो गलत लिख दिया गया है। पहला बोर्ड तो वीसी कार्यालय के बाहर ही लगा है। इस पर लिखा है ‘स्वच्छता का दीप जलाएँगे, चारों ओर उजियाला फैलाएँगे’ इसमें उजाला की जगह उजियाला शब्द का इस्तेमाल किया गया है, जबकि जलाएँगे और फैलाएँगे शब्द भी ठीक अंकित नहीं है।
बोर्ड पर अंकित ऐसी गलतियां बहुत ही शर्मनाक बात
पंजाब यूनिवर्सिटी में बोर्ड पर लिखी गई हिन्दी
इसी तरह वीसी कार्यालय के साथ लगती सड़क पर एक अन्य बोर्ड पर लिखा है ‘धरती माता करे पूकार, आसपास का करो सुधार।’ इसमें सही शब्द पुकार है। इसी तरह पीयू के एडमिनिस्ट्रेश ब्लाक के सामने भी एक बोर्ड अंकित है, जिस पर लिखा गया है कि ‘आओ मिलकर कसम ये खाँये, प्रदूष्ण को हम दूर भगाएँ।’ इसमें प्रदूष्ण, खाँये व भगाएँ शब्द गलत लिखा गया है।
पंजाब यूनिवर्सिटी के एक सीनियर प्रोफेसर ने कहा कि विश्वविद्यालय में लगने वाले जागरूकता बोर्ड पर अंकित ऐसी गलतियां बहुत ही शर्मनाक बात है। इन्हें तुरंत दुरुस्त करवाना चाहिए, क्योंकि इन बोर्डों से जागरूकता कम, पीयू की छवि ज्यादा खराब हो रही है। वैसे भी पीयू कैंपस में कई जागरूकता बोर्ड लगे हैं। ऐसे में जब पीयू आर्थिक संकट से गुजर रहा है, तो लोहे के बड़े पोल वाले इन जागरूकता बोर्र्डों पर भारी बजट खर्च करने की जरूरत ही नहीं थी।