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स्कूलों में शिक्षा का स्तर जांचने के लिए 30 जनवरी को टेस्ट, जारी किए गए दिशा-निर्देश

Thu, 24 Jan 2019 03:01 PM IST
खुशबू गोयल न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
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चंडीगढ़ के सरकारी स्कूलों में शिक्षा का स्तर क्या है, यह जांचने के लिए मानव संसाधन एवं विकास मंत्रालय की तरफ से राष्ट्रीय उपलब्धि सर्वेक्षण का आयोजन किया जा रहा है। शहर के सभी सरकारी व एडिड स्कूलों में 30 जनवरी को इस टेस्ट का आयोजन होगा।
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परीक्षा को आयोजित करने का मुख्य उद्देश्य छात्रों के बौद्धिक व मानसिक स्तर को जांचना है ताकि यह पता चल सके कि छात्र किस विषय में कमजोर हैं। जिस विषय में भी छात्र कमजोर पाए जाएंगे, स्कूलों में शिक्षकों द्वारा उन विषय पर और अधिक जोर दिया जाएगा। ताकि छात्र नेशनल लेवल पर होने वाले अचीवमेंट सर्वे में अच्छा प्रदर्शन कर सकें।

तीसरी, पांचवीं व आठवीं कक्षा के छात्रों से इस सर्वे में हिंदी, इंग्लिश, गणित, ईवीएस/साइंस, सोशल साइंस विषयों से प्रश्न पूछे जाएंगे, जिसे लेकर शिक्षा विभाग द्वारा सभी स्कूलों को कुछ दिशा-निर्देश जारी किए हैं।
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ये दिशा-निर्देश किए गए जारी

- टेस्ट वाले दिन सभी छात्र उपस्थित हों, इसकी जिम्मेवारी हैड्स व प्रिंसीपल्स की होगी।
- तीसरी व पांचवीं कक्षा का ये टेस्ट ढाई घंटे का होगा जबकि आठवीं कक्षा के लिए परीक्षा तीन घंटे की निर्धारित की गई है।
- तीसरी और पांचवीं कक्षा का यह असेस्मेंट टेस्ट सुबह 9 बजे से शुरू होकर 12 बजे तक चलेगा, जबकि आठवीं का टेस्ट सुबह 9:30 बजे से शुरू होकर दोपहर 12:30 बजे तक जारी रहेगी।
- इस सर्वे परीक्षा में कक्षा तीसरी व पांचवीं के लिए मुख्य रूप से चार विषयों से 60 प्रश्न पूछे जाएंगे यानि हर विषय से 15 प्रश्न पूछे जाएंगे। जबकि कक्षा आठवीं के लिए 100 प्रश्न निर्धारित किए गए हैं। जो कि पांच विषयों से होंगे। यानी हर विषय से 20 -20 प्रश्न होंगे।
- इस टेस्ट में भाग लेने वाले सभी छात्रों को असेस्मेंट टूल्स बुकलेट्स फोटोस्टेट कराकर देना क्लस्टर हैड्स की जिम्मेवारी होगी। इसके लिए सभी क्लस्टर हैड्स को 25000/- रुपये की ग्रांट मुहैया कराई गई है।
- टेस्ट का आयोजन मॉर्निंग शिफ्ट में किया जाएगा। इसके लिए सभी स्कूल हैड्स व प्रिंसीपल्स को इवनिंग शिफ्ट के छात्रों के अभिभावकों को जानकारी देनी होगी, ताकि इवनिंग शिफ्ट के छात्र भी इस टेस्ट का हिस्सा बन सकें।
-टेस्ट के चलते शिक्षकों का फेरबदल होगा, यानी स्कूल के शिक्षकों को दूसरे स्कूलों में तीन दिन के लिए भेजा जाएगा। जहां उन शिक्षकों को तीन दिन के भीतर पेपर चैक कर संबंधित स्कूल हैड को रिजल्ट तैयार कर सौंपना होगा, जिसके बाद स्कूल हैड की जिम्मेवारी होगी कि वो 5 फरवरी तक क्लस्टर हैड को ये रिजल्ट सब्मिट कराएं।
-सभी क्लस्टर हैड्स सभी स्कूलों के रिजल्ट्स को कंपाइल कर 11 फरवरी तक मिशन कोआर्डिनेटर ऑफिसर को भेजेंगे।
- स्कूल के जिन जिन छात्रों ने डी ग्रेड हासिल किया होगा, उन सभी छात्रों ने कौन -कौन से प्रश्नों के उत्तर नहीं दिए, या दिए हैं तो गलत है। इसका भी ब्यौरा तैयार करना होगा।  
- छात्रों के इस रिजल्ट के आधार पर स्कूल में कमजोर छात्रों के लिए एक्सट्रा क्लासेज लगाई जाएंगी।
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कमजोर छात्रों के लिए लगानी होंगी एक्सट्रा क्लासेज

इस टेस्ट का आयोजन स्कूल स्तर पर ही होगा और स्कूल के शिक्षकों द्वारा ही मूल्यांकन किया जाएगा। परिणामों के आधार पर स्कूल में ही एक्सट्रा क्लासेज लगाई जाएंगी। बता दें कि शिक्षा विभाग द्वारा पिछले साल फरवरी महीने में दसवीं कक्षा के लिए नेशनल अचीवमेंट सर्वे आयोजित किया गया था, जिसमें चंडीगढ़  के 75 से 85 प्रतिशत छात्रों ने 50 प्रतिशत से कम अंक हासिल किए थे। यदि चंडीगढ़ के दसवीं कक्षा के छात्रों का औसत परिणाम मापा जाए तो सर्वेे अनुसार वह मात्र 42 प्रतिशत ही रहा था।

क्या है राष्ट्रीय उपलब्धि सर्वेक्षण (एनएएस)
नेशनल अचीवमेंट सर्वे यानि राष्ट्रीय उपलब्धि सर्वेक्षण स्कूलों में शिक्षा के स्तर का पता लगाने के लिए मानव संसाधन एवं विकास मंत्रालय द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम है। सर्वे में सैंपल के तौर पर स्कूल लिए जाते हैं, जिसमें विषयानुसार छात्रों के स्तर का पता लगाया जा रहा है। साल 2017 में पहली पर पूरे देश के सभी सरकारी प्राथमिक विद्यालयों के कक्षा तीन, पांच व आठ के छात्रों से यह परीक्षा ली गई थी। परीक्षा के रिपोर्ट्स के आधार पर आने वाले समय में सरकार शिक्षा व्यवस्था में सुधार की योजना तैयार करेगी।
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