पंजाब यूनिवर्सिटी सिंडिकेट की विशेष बैठक बुधवार को बुलाई गई है। यह बैठक इस साल की पहली होगी और इसमें चर्चा के लिए पीयू का सबसे चर्चित मुद्दा रखा गया है। सिंडिकेट की बैठक में वीसी प्रताड़ना केस पर चर्चा होगी। क्योंकि वीसी प्रो. अरुण कुमार ग्रोवर पर आरोप की जांच करने के लिए जो कमेटी बनी है, उसकी चेयरपर्सन ने चांसलर दफ्तर को पत्र लिखकर कहा है कि वे इस कमेटी को हैड नहीं कर सकती। क्योंकि इसमें जितने भी सदस्य हैं वे पीयू से जुड़े नहीं हैं और ना ही सेक्सुअल हरासमेंट की जांच कभी उन्होंने की है।
बता दें कि पहले आरोप की जांच पीयू कैश कर रही थी, लेकिन बाद में अलग से कमेटी बनाई गई, जिसकी चेयरपर्सन रिटायर मुख्य सचिव मीनाक्षी आनंद चौधरी हैं। अब उनकी ओर से जांच कमेटी को हैड ना करने को लेकर लिखे पत्र पर चर्चा करने के लिए सिंडिकेट की विशेष बैठक बुलाई गई है। इसमें अब इस जांच पर आगे के विकल्प क्या होंगे, इस पर चर्चा होगी।
गौरतलब है कि पीयू की एक प्रोफेसर ने वीसी प्रो. अरुण कुमार ग्रोवर पर शारीरिक प्रताड़ना के 2015 में आरोप लगाए थे। शिकायतकर्ता का आरोप है कि उसे दो बार प्रताड़ित किया गया। पहले इस मामले की जांच पीयू कैश में चली तो शिकायतकर्ता ने इसे न मानते हुए तर्क दिया कि पीयू कैश में सभी सदस्य पीयू से ही हैं और वीसी के दबाव में न्याय नहीं मिलेगा। तब से मामला चलता आ रहा है और मामला चांसलर कार्यालय व एमएचआरडी तक पहुंच गया।