बंदरों का उत्पात यहीं नहीं रुका। करीब एक घंटे तक बंदरों ने स्टूडेंट सेंटर पर जमकर उत्पात मचाया था। वहां खाना खा रहे कई स्टूडेंट्स पर भी बंदर झपटे थे। इससे पहले भी हॉस्टल नंबर- 5 में जाते एक मेस कर्मी को गंभीर रूप से घायल कर दिया था। इसके बावजूद किसी भी सिक्योरिटी या प्रशासनिक अधिकारी ने मामले का संज्ञान नहीं लिया। वहीं, फार्मास्यूटिकल साइंस विभाग, लीगल स्टडीज, यूबीएस और लॉ विभाग के पास भी बंदरों की संख्या भी दोबारा से बढ़ गई है।
चार लाख में रखे बंदर भगाने के स्पेशलिस्ट, बेअसर
पीयू प्रशासन ने चार लाख में एक साल के बंदर भगाने के लिए चार एक्सपर्ट रखे थे, लेकिन इनका कोई अता-पता नहीं है। वहीं इस बार हॉस्टल नंबर 5 के कर्मी को बंदरों ने गंभीर घायल भी कर दिया था। 2018 में कुछ महीनों ही 6 से 8 मामले मंकी बाइट के केस आ चुके हैं। इसके बाद भी हालात में सुधार नहीं हो रहा है।