पंजाब यूनिवर्सिटी के सेंटर फॉर ह्ममन राइट्स एंड ड्यूटीज की ओर से आयोजित किए गए अंतरराष्ट्रीय सेमिनार में प्रसिद्ध पंजाबी गायक हरभजन मान पहुंचे। यहां उन्होंने कहा कि संगीत आजीविका का स्रोत है, लेकिन सामाजिक परिवर्तन का एक प्रभावी माध्यम भी है। उन्होंने कहा कि जिस संगीत में स्नेह नहीं है उसका कोई मतलब नहीं है। संगीत में उन शब्दों का समावेश होना चाहिए जो समाज को नई दिशा प्रदान कर सके। युवाओं को अच्छे कार्य के लिए प्रेरित करें। उन्होंने कहा कि उनके गानों में अश्लीलता, आक्रामकता, हिंसा को कभी स्थान नहीं मिला।
उन्होंने महान लोक गायक जॉन लेनन पर की बात भी साझा की। पंजाबी सिंगर हरभजन मान ने अपने अनुभव साझा किए। युवाओं से कहा कि वह ड्रग्स की ओर न जाएं और यदि कोई साथी इस क्षेत्र में गया है तो उसे जागरूक करने का काम करें। प्रो. उपनीत कौर मंगत ने समाज की भूमिका पर प्रकाश डाला। युवाओं को नशे की लत से दूर करने के तरीकों के बारे में बताया। स्पेशल टास्क फोर्स के आईजीपी कौस्तुभ शर्मा ने नशीली दवाओं के दुष्प्रभावों को सामने रखा। उन्होंने कहा कि इसकेलिए परिवारों को जागरूक होना होगा। बच्चों को समय समय पर समझाना होगा।
डॉ. दमनजीत कौर ने युवा और सभ्य समाज पर बात की। उन्होंने नशे की बीमारियों के बारे में बताया। न्यायमूर्ति जसबीर सिंह (सेवानिवृत्त) ने भी विचार रखे। कहा कि युवा सही मार्ग पर चलें। नशा एक सामाजिक बीमारी है, इसे समाज द्वारा ठीक किया जा सकता है। साथ ही सोच में परिवर्तन जरूरी है। उन्होंने युवाओं के रोजगार पर बात की। कहा कि कड़ी मेहनत करके रोजगार पाएं। रजिस्ट्रार प्रो. करमजीत सिंह ने अतिथियों का स्वागत किया। चेयरपर्सन डॉ. नमिता गुप्ता ने सभी का आभार जताया। इससे पहले नशे की लत में पड़े लोगों के परिवारों ले अपनी कहानी बताई और युवाओं को जागरूक किया।