पोस्ट ग्रेजुएट गवर्नमेंट कॉलेज सेक्टर- 46 ने स्टूडेंट्स के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की है। प्रशासन ने 15 दिन से अनुपस्थित 200 से अधिक विद्यार्थियों के नाम काट दिए हैं। साथ ही इस बारे में उनके अभिभावकों को भी बता दिया गया है। अभिभावक इस बात को लेकर हैरत में हैं कि उनके बच्चे रोज घर से कॉलेज के लिए निकल रहे थे, लेकिन रास्ते से कहां गए? अब पैरेंट्स ने बच्चों की गलती कबूलते हुए कॉलेज प्रशासन से दोबारा दाखिला करने का आग्रह किया है। कॉलेज प्रशासन प्रशासन इन विद्यार्थियों के दोबारा दाखिले करने के लिए राजी हो गया है। इसके लिए अभिभावकों की अंडरटेकिंग ली गई है।
अभिभावकों ने कहा है कि वह अपने बच्चों को रोजाना कॉलेज भेजेंगे। साथ ही समय-समय पर कॉलेज आकर उनकी रिपोर्ट भी लेंगे। शीतकालीन अवकाश के बाद कॉलेज 14 जनवरी को खुल गए। उसके बाद से विद्यार्थियों को रेग्युलर कक्षाएं अटेंड करनी थी। कई विद्यार्थी शुरुआत में नहीं पहुंचे तो कॉलेज प्रशासन ने किसी न किसी माध्यम से विद्यार्थियों को सूचना दी। कहा गया कि वह कॉलेज पहुंचे अन्यथा कार्रवाई की जाएगी। लेकिन 200 से अधिक विद्यार्थी 28 जनवरी तक कॉलेज नहीं पहुंचे। इसका असर अन्य विद्यार्थियों पर भी पड़ रहा था।
इसलिए कॉलेज प्रशासन ने व्यवस्था सुधारने के लिए सख्त कदम उठाते हुए इन विद्यार्थियों के नाम काट दिए। इसके बाद विद्यार्थियों में खलबली मच गई। वह चाहते थे कि यह बात अभिभावकों को पता न लग जाए, लेकिन कॉलेज प्रशासन ने अभिभावकों की बैठक बुलाई और विद्यार्थियों के सामने अभिभावकों को कर दिया। कई अभिभावक भी हैरत में थे। कारण, विद्यार्थी घर से कॉलेज के लिए निकले थे, लेकिन रास्ते में कहां गए? कुछ अभिभावकों ने अपने बच्चों के कॉलेज न पहुंचने का कारण बीमारी बताया। उनके साथ कॉलेज ने सहानुभूति दिखाने की बात कही।
150 रुपये में होगा री एडमिशन
अभिभावकों ने जब कॉलेज प्रशासन से आग्रह किया तो कॉलेज ने भी उनकी बात मानी। प्रशासन नहीं चाहता कि विद्यार्थियों का भविष्य खराब न हो, इसलिए उनके री एडमिशन किया जाएगा। री एडमिशन में प्रति विद्यार्थी को 150 रुपये देने होंगे। साथ ही अभिभावकों ने लिखित में भी दिया है कि उनके बच्चे अब रोजारा कॉलेज पहुंचेंगे। यदि उसके बाद भी वह कॉलेज नहीं पहुंचते हैं तो उन खिलाफ कड़ी कार्रवाई अमल में लाई जा सकती है।
आदर्श विद्यार्थी व अभिभावकों के दिए उदाहरण
अभिभावक संघ की इस बैठक में न केवल वह अभिभावक पहुंचे जिनके बच्चों के नाम काटे गए थे बल्कि उन विद्यार्थियों व अभिभावकों को भी बुलाया गया जिनके विद्यार्थियों की हाजिरी 100 फीसदी थी। उनको सामने रखकर उदाहरण पेश किए गए। इन बच्चों के अभिभावकों को भी अपने पर गर्व हुआ। प्राचार्य डॉ. रोजी वालिया ने कहा कि टीचर्स से अभिभावक भी संपर्क में रहें, ताकि शिक्षक व अभिभावक मिलकर विद्यार्थियों पर नजर रख सकें।
आइसा ने दिया ज्ञापन
आइसा के यूटी अध्यक्ष अमन रतिया ने कहा है कि स्टूडेंट्स की समस्याओं को कॉलेज प्रशासन समझे और उसके बाद निर्णय ले। हमने विद्यार्थियों के दोबारा नाम लिखने के लिए ज्ञापन दिया है।
14 जनवरी से 28 जनवरी के मध्य 200 विद्यार्थी कॉलेज नहीं पहुंचे। उनके नाम कॉलेज प्रशासन ने काटे और अभिभावक संघ की बैठक बुलाई। अभिभावकों को असलियत बताई। उन्होंने कहा है कि विद्यार्थियों की इस गलती को माफ करते हुए उनके दाखिले किए जाएं। हमारा उद्देश्य उनका भविष्य खराब करना नहीं है। उनके दोबारा दाखिले किए जा रहे हैं।
- डॉ. रोजी वालिया, प्राचार्य, पीजीजीसी सेक्टर- 46