प्रदेश में पांचवीं और आठवीं कक्षा की परीक्षाएं बोर्ड से संचालित करने का फैसला सरकार पर टिका है। सरकार यदि पांचवीं और आठवीं की परीक्षाएं बोर्ड से करवाने का फैसला लेती है तो बोर्ड ही इन परीक्षाओं को करवाएगा।
केंद्र सरकार के आरटीआई अधिनियम में संशोधन के बाद पांचवीं और आठवीं की परीक्षाएं बोर्ड के माध्यम से करवाने का प्रावधान है। हिमाचल प्रदेश विज्ञान अध्यापक संघ की बैठक शनिवार को बोर्ड अध्यक्ष डॉ. सुरेश कुमार सोनी की अध्यक्षता में हुई। बैठक में विज्ञान अध्यापक संघ की मांगों को लेकर चर्चा हुई।
बोर्ड अध्यक्ष ने कहा कि शिक्षकों के सहयोग से ही पाठ्यक्रम में बदलाव किया जाएगा। पाठ्यक्रम में बदलाव करने से पहले शिक्षकों से सुझाव लिए जाएंगे। परीक्षा का प्रारंभ किसी एक विषय के साथ ही होना होता है।
इसलिए इस साल दसवीं कक्षा की परीक्षा का प्रारंभ अंग्रेजी या गणित विषय से करने की बजाय विज्ञान विषय से किया जा रहा है। मार्च 2019 की परीक्षा के लिए दसवीं कक्षा के छह विषयों के पैट्रन को सीबीएसई के अनुरूप तैयार किया गया है।
दसवीं कक्षा के छह विषयों के आदर्श प्रश्न पत्रों को बोर्ड की वेबसाइट पर अपलोड किया जा चुका है। इसके अलावा ई-मेग्जीन पर विचार किया जा सकता है। बैठक में बोर्ड सचिव डॉ. हरीश गज्जू भी मौजूद रहे।