पंजाब विश्वविद्यालय अब दुबई, इटली, स्विट्जरलैंड में एनआरआई स्टूडेंट्स को एमबीए कराएगा। इसके लिए पीयू का यूबीएस सेंटर वहां खुलेगा। दूसरे चरण में थाईलैंड, सिंगापुर, नाइजीरिया में भी सेंटर खोलने की योजना है। इस योजना को पीयू प्रशासन अमलीजामा पहना चुका है। पीयू के एमबीए को वर्ल्ड रैंकिंग में 15वां स्थान मिला है। इसी वजह से देश-दुनिया के स्टूडेंट्स भी पीयू से एमबीए करना चाहते हैं। एक कारण और है कि यहां से एमबीए करने वालों की डिमांड ज्यादा है।
यूबीएस से एमबीए करने वालों का प्लेसमेंट भी शानदार होता है। देशी और विदेशी कंपनियां कैंपस सिलेक्शन के लिए पीयू के यूबीएस में आती हैं। अब तक जो स्थिति सामने आई है उसमें पाया गया है कि कई विदेशी विद्यार्थी ऐसे हैं जो पीयू से एमबीए तो करना चाहते हैं पर यहां आ नहीं सकते हैं। इसका ध्यान रखते हुए पीयू ने चार से पांच देशों का नाम का चयन किया है जहां यूबीएस अपना सेंटर खोलेगा। जिसमें एमबीए का कोर्स करवाया जाएगा। प्रथम चरण में 50 से 100 सीटें रखने का प्रस्ताव है।
सूत्रों का कहना है कि पहले चरण में दुबई, इटली, स्वीट्जरलैंड में यह सेंटर खुलेंगे। इसके लिए पीयू प्रशासन ने कमेटी बनाई है जो अब जमीन का चयन करेगी। साथ ही सीटों के निर्धारण, फीस आदि तय करेगी। साथ ही स्टाफ भी रखा जाएगा। अगले साल तक इस सेंटर को धरातल पर उतारने की योजना है।
अब बदल गया है पाठ्यक्रम
यूबीएस ने एमबीए के पाठ्यक्रम को और मजबूत कर दिया है। यूबीएस के एमबीए पाठ्यक्रम में जो विषय हैं वह एकदम मार्केट के अनुरूप हैं। डाटा विश्लेषण भी महत्वपूर्ण है। विदेशी कंपनियों में इसके लिए नौकरी बहुत हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए एमबीए के विद्यार्थियों को यह कोर्स कराया जाएगा। कुछ ऐसे विषय भी इसमें हैं जो आईआईएम में चलते हैं।
हजारों में आते हैं फार्म
यूबीएस आठ से दस विषयों में एमबीए कराता है। ऐसे में देशभर से विद्यार्थी यहां आवेदन करते हैं। हजारों की संख्या में आवेदन विभाग को मिलते हैं। उनका चयन प्रवेश परीक्षा और साक्षात्कार के जरिये होता है। इस बार भी विभाग को हजारों आवेदन मिले हैं।
प्रथम चरण में दुबई, इटली, स्वीट्जरलैंड में सेंटर खोलने की योजना है। जल्द ही कमेटी की बैठक होगी और उसमें फाइनल रूपरेखा तय हो जाएगी।
- प्रो. दीपक कपूर, चेयरमैन, यूबीएस पीयू