पंजाब यूनिवर्सिटी सिंडिकेट की बैठक 28 मई को है। इस बार की मीटिंग में पिछले माह की मीटिंग के दौरान बवाल का मुद्दा बने मामले से हंगामा हो सकता है। वहीं कुछ ऐसे विषय भी चर्चा के लिए रखे गए हैं, जो भविष्य में फायदेमंद साबित होंगे। गेस्ट हाउस बनाने से लेकर, नए एजूकेशन सिस्टम जहां चर्चा के लिए तय किए गए हैं। वहीं सीनेटर पर प्रोफेसर को प्रताड़ित करने के आरोप सिंडिकेट के एजेंडे में तो नहीं रखे गए, लेकिन इस मसले को लेकर बवाल हो सकता है।
सीओई से सीनेटर का बुरा बर्ताव
पिछले महीनें हुई सीनेट मीटिंग में एक सीनेटर ने कंट्रोलर ऑफ एग्जामिनेशन प्रोफेसर परविंद्र सिंह के साथ बुरा बर्ताव किया था। दोनों के बीच तीखी नोक-झोंक हुई थी। इस मामले को कॉलेज एसोसिएशन की तरफ से भी उठाया गया था। वहीं होने वाली सिंडिकेट मीटिंग में इस पर चर्चा करने के लिए एजेंडे में रखा गया है। जिस तरह का मामला है, उससे तय है कि इस मुद्दे पर हंगामा हो सकता है।
नए सेशन से सीबीसीएस सिस्टम
नए सेशन से पीयू से संबंधित कॉलेजों में च्वायस बेस्ड क्रेडिट सिस्टम लागू हो सकता है। यह सिस्टम बीएससी कोर्स के लिए होगा। हालांकि पीयू कैंपस कॉलेजों में यह पहले से ही चल रहा है। अब अन्य कॉलेजों में लागू करने के लिए सिलेबस तैयार किया जा रहा है। इसके तहत बीएसी का स्टूडेंट एडिशनल तौर पर आर्टस या कॉमर्स के जितने चाहे कोर्स भी पढ़ाई में शामिल कर सकता है। एडिशनल सब्जेक्ट्स के नंबर तो डिग्री में नहीं जुड़ेंगे, लेकिन इनका क्रेडिट जरूर मिलेगा। उदाहरण के तौर पर अगर किसी का एडमिशन बीएससी मेडिकल में हुआ है, तो वह फिजिक्स, केमिस्ट्री और बॉयोलॉजी के अलावा मैथ्स भी एडिशनल तौर पर ले सकता है।
सुनने में अक्षम को लेक्चर की छूट देने पर होगी चर्चा
एडवोकेट कुलदीप, जोकि सुनने की क्षमता खो चुके हैं, उन्हें एलएलएम के लेक्चर सुनने में छूट देने पर भी विचार होगा। दरअसल कुलदीप ने पीयू से ही एलएलबी की और एलएलएम की पढ़ाई की, लेकिन एक हादसे में सुनने की क्षमता खो दी। अब वह कई साल से पीयू को लिख रहे हैं कि उन्हें लेक्चर सुनने में छूट दी जाए और एक प्राइवेट कैंडिडेट की तरह एलएलम में अपीयर होने दिया जाए। सालों से उनकी अर्जी ठुकराई जा रही है। हालांकि इस बार अर्जी को सिंडिकेट की मीटिंग में विचार के लिए रखा गया है।
नए गेस्ट हाउस पर विचार
पीयू के होशियारपुर रीजनल सेंटर के लिए एक व्यक्ति ने करीब 10 एकड़ जमीन दान दी है। उस पर एक गेस्ट हाउस बनाने का प्रपोजल है। वहीं दान करने वाले के परिवार की तरफ से कहा गया है कि गेस्ट हाउस में हमेशा उनके लिए कुछ जगह रिजर्व रखी जाए, ताकि जब भी आएं तो रह सके। दरअसल परिवार विदेश में रहता है। अब इस मसले को विचार करने के लिए भी एजेंडे में शामिल किया गया है।