पंजाब यूनिवर्सिटी के सीनेट चुनाव में इस बार परिणाम चौंकाने वाले होंगे। एसोसिएट व असिस्टेंट कंस्टीट्यूएंसी की दो सीटें एकतरफा हो सकती हैं। इसका कारण यह है कि लगभग 150 शिक्षक एक तरफ हो गए हैं। इन्होंने ‘पास्ट सर्विस काउंट ग्रुप’ से अपना व्हाट्सएप ग्रुप बनाया है। यह वे शिक्षक हैं जिनकी पास्ट सर्विस काउंट नहीं हो पाई है। वर्षों से वह इसके लिए मेहनत में लगे थे।
शिक्षकों का प्रतिनिधित्व करने वाले भी यह हक उन्हें नहीं दिला पाए। हालांकि प्रयास जरूर किए गए, लेकिन असफल रहे। अब यही शिक्षक अपनी असली ताकत दिखाएंगे। इन शिक्षकों ने व्हाट्सऐप पर अपना एक ग्रुप बनाया है और सभी एक हो गए हैं। राजनीतिक पंडितों का मानना है कि पीयू में कुल 441 वोट हैं। इनमें 150 वोट इस ग्रुप के हैं। ये वोट जहां जाएंगे समझो उसकी जीत पक्की है।
पीयू चार सीटें चुनकर जाएंगी सीनेट
पीयू कैंपस से चार सीटें सीनेट के लिए चुनकर जाएंगी। दो प्रोफेसर, जो साइंस व आर्ट से होंगे और दो ही एसोसिएट व असिस्टेंट प्रोफेसरों की सीटें होंगी। प्रोफेसरों के सामने कोई बड़ी चुनौती नहीं और न ही कोई बड़ी मांग है। लेकिन असली लड़ाई एसोसिएट व असिस्टेंट प्रोफेसर लड़ रहे हैं, जिन्हें उनका हक चार साल में भी नहीं मिल पाया।
हैरानी इस बात की है कि कुछ शिक्षक ऐसे हैं जो रिटायरमेंट के करीब पहुंच चुके हैं, लेकिन उनकी पास्ट सर्विस काउंट नहीं हुई और वह आज भी असिस्टेंट प्रोफेसर हैं जबकि उनकी साख पूरे देश में बड़े शिक्षकों में गिनी जाती है। इन सभी शिक्षकों ने पास्ट सर्विस काउंट के लिए हर दर पर माथा टेका, लेकिन प्रभावशाली लोगों ने इन शिक्षकों को लाभ देने की बजाय उनका प्रयोग किया।