डॉ. नवदीप, अशोक गोयल
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पंजाब यूनिवर्सिटी सीनेट का चुनाव भले ही सितंबर में हो, लेकिन इसकी तैयारियां अभी से शुरू हो गई हैं। वोटरों की जोड़-तोड़ शुरू हो गई। इस बार भी गोयल ग्रुप चुनाव में भारी पड़ सकता है। एक तरह चुनाव वाली सीटों पर जहां गोयल ग्रुप प्रभाव रखता है। वहीं मनोनीत होने वाली सीटें सुभाष शर्मा ग्रुप के पक्ष में जाती नजर आ रही हैं।
कुल मिलाकर मुकाबला इस बार भी कड़ा है। राजनीति पंडितों का कहना है कि दोनों ग्रुप की सीटें लगभग बराबर रहेंगी, लेकिन गोयल ग्रुप या सुभाष शर्मा ग्रुप में कोई भी ग्रुप टूटता है तो फिर परिणाम अलग होंगे और चौंकाने वाले भी। इस बार सुभाष शर्मा ग्रुप ने पूरी ताकत झोंक दी है कि वह सीनेट में अपना दबदबा बनाएंगे। उसी के मुताबिक तैयारियां भी चल रही हैं।
ये है सीटों का गणित
सीनेट का चुनाव हर चार साल बाद होता है। इस बार सितंबर में होने जा रहा है। सीनेट में 90 सदस्य होते हैं। इनमें से 45 सीटों के लिए चुनाव होता है और 35 सीट के सदस्य चांसलर की ओर से मनोनीत किए जाते हैं। 45 सीटों के लिए होने वाले चुनाव में 15 सीटें स्नातक विद्यार्थियों की ओर दिए जाने वाले वोट से भरेंगे। बाकी अन्य कोटे के भरी जाएंगी।
सीटों के मुताबिक सभी ग्रुप वोटों का गणित लगाने के लिए जुट गए हैं। फिलहाल वोटर्स का नामांकन चल रहा है। कई राज्यों में चुनाव बूथ बनेंगे। बैलेट पेपर के जरिये चुनाव होता है। यह चुनाव अपने में अलग होता है। इस चुनाव की 10 सीटें एक्स ऑफिसियो के नाम होती हैं। इसमें अफसर, जज, मंत्री, विधायक आदि शामिल होते हैं। यह सीटें पदेन होती हैं।