हाईकोर्ट के आदेश के बाद पंजाब यूनिवर्सिटी ने 45 प्रोफेसर रिटायर कर दिए हैं। अब युवाओं के पास नौकरी पाने का सुनहरा मौका है। पीयू कुलपति ने पीयू सिंडीकेट में हाईकोर्ट के आदेशों की कापी दिखाते हुए सिंडीकेट को मामले में तुरंत फैसला लेने की बात कही। सिंडीकेट के सभी सदस्यों ने हाईकोर्ट के आदेशों को देखते हुए 45 प्रोफेसर की रिटायरमेंट करने के फैसले का समर्थन किया।
गौरतलब है कि अमर उजाला ने पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट के आदेशों के बावजूद 45 प्रोफेसर को रिटायर नहीं करने के संबंध में 19 अगस्त के अंक में खबर प्रकाशित की थी। खबर पर पीयू सिंडीकेट में भी चर्चा हुई। जानकारी अनुसार पंजाब यूनिवर्सिटी के आला अधिकारियों ने शुक्रवार दोपहर बाद ही सभी 45 प्रोफेसर को रिटायर करने संबंधी आदेश तैयार करवा लिए। लेकिन मामले पर फैसला सिंडीकेट बैठक में ही लिया गया।
जानकारी अनुसार रिटायर किए गए सभी प्रोफेसर को नौकरी से एक दिन का ब्रेक देने के बाद रिम्प्लाइमेंट का ऑफर दिया गया है। सूत्रों के अनुसार रिटायर होने वाले सभी प्रोफेसर से रीइम्पलाइमेंट के लिए आवेदन करने को कहा गया, जिसके बाद कुछ लोगों ने शुक्रवार को ही आवेदन पीयू प्रशासन के पास जमा कर दिए हैं।
प्रोफेसर से रिकवरी पर एफडीओ को दिए निर्देश
पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने पीयू प्रशासन को 60 के बाद स्टे लेकर नौकरी करने वाले प्रोफेसर से रिटायरमेंट की उम्र के बाद लिया गया अतिरिक्त वेतन भी वसूलने के आदेश दिए गए हैं। जानकारी अनुसार इस संबंध में अभी अंतिम फैसला नहीं हुआ है,लेकिन सिंडीकेट बैठक में इस मामले में फाइनेंस एंड डेवलेपमेंट ऑफिसर (एफडीओ) को मामले की पूरी रिपोर्ट तैयार करने को कहा गया है।