पंजाब यूनिवर्सिटी के वीसी प्रो. अरुण कुमार ग्रोवर ने सभी विभागों के प्रमुख के साथ मिलकर पीएचडी और एमफिल के दाखिलों में मनमर्जी पर लगाम लगा दी है। बैठक में साफ किया गया कि नए नियमों के हिसाब से ही पीएचडी और एमफिल में नामांकन मंजूर करने होंगे। यह एक यूनिवर्सिटी और एक नियम के तहत है।
गत 29 सितंबर को जारी हुए सर्कुलर पर विभाग आपत्ति जता रहे थे। क्योंकि पुराने नियमों से नामांकन मंजूर हो चुके थे। इस पर कहा गया है कि पुराने पर कोई असर नहीं पड़ेगा, लेकिन नया दाखिला नये नियम से ही होगा। इसकेअलावा कुछ और भी गाइडलाइंस जारी की गई। बता दें कि अमर उजाला ने पीयू केविभागों की मनमर्जी को उजागर किया था। इस पर अब स्थिति साफ कर दी गई है।
ये बने थे नये नियम
पीएचडी में दाखिले के लिए 20 प्रतिशत स्नातक और 30 प्रतिशत पोस्ट ग्रेजुएशन से नंबर जोड़े जाएंगे। 40 प्रतिशत नंबर इंटरव्यू के होंगे। इनमें से 30 प्रतिशत नामांकन करने वाली कमेटी के साथ बातचीत और 10 प्रतिशत लिखित प्रपोजल के मिलेंगे।
एकेडमिक और इंटरव्यू से 90 प्रतिशत नंबर होने के बाद 10 प्रतिशत नंबर स्कॉलरशिप या अन्य किसी उपलब्धि केरखे जाएंगे। जिसमें जेआरएफ भी है। एम फिल में दाखिले के लिए अब 12वीं के 10 प्रतिशत, स्नातक के20 और पोस्ट ग्रेजुएशन के30 प्रतिशत नंबर जोड़े जाएंगे। इसके बाद बचे 40 प्रतिशत नंबर इंटरव्यू के होंगे।
बैठक में यह गाइडलाइंस भी की गई जारी
- सभी विभागों को नये नियमों केतहत दाखिला लेना होगा।
- हर विभाग में पीएचडी और एमफिल केलिए एक एडवाइजरी कमेटी बनानी होगी
- चुने गए आवेदक की सूची मेरिट केसाथ नोटिस बोर्ड पर लगानी होगी
- सूची में उपलब्ध सुपर वाइजर का भी जिक्र करना होगा, ताकि आवेदक चुनाव कर सके
- पीयू से एमफिल पास आवेदक को पीएचडी केलिए एंट्रेंस टेस्ट से छूट मिलेगी