फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

पीयू चुनाव: बड़े छात्र संगठनों ने गठजोड़ के लिए शुरू किया मंथन

Sat, 27 Aug 2016 12:49 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
विज्ञापन
PU Election 2016-17 - फोटो : file photo
विज्ञापन
पंजाब यूनिवर्सिटी (पीयू) और शहर के सभी कॉलेजों में छात्र काउंसिल चुनाव में जीत के लिए रणनीति बनानी शुरू कर दी है। सभी छात्र संगठनों ने वोट बैंक मजबूत करने के लिए दिन रात प्रचार शुरू कर दिया है। बेशक अभी चुनाव की अधिकारिक तौर पर तिथि घोषित नहीं हुई है, लेकिन प्रचार का समय कम देखते हुए नेताओं ने कमर कस ली है।
विज्ञापन


7 सितंबर को पीयू कैंपस और कॉलेजों में चुनाव के संबंध में सोमवार को यूटी प्रशासन की ओर से चिट्ठी जारी होने की उम्मीद है। पंजाब यूनिवर्सिटी के छात्र काउंसिल की सीट पर अकेले कब्जा कर पाना किसी भी छात्र संगठन के लिए मुमकिन नहीं। ऐसे में जीत के लिए बड़े छात्र संगठनों को भी कम वोट बैंक वाले छात्र संगठनों से गठजोड़ करना होगा। आगामी छात्र काउंसिल चुनाव में भी इनसो और एबीवीपी की भूमिका अहम रहेगी। ऐसे में सभी मुख्य पार्टियों का इन संगठनों को अपने साथ मिलाने पर जोर रहेगा।

जीसी-11 में भिड़े पुसू और जीसीएसयू छात्र, सिर पर लगे टांके
 काउंसिल चुनाव के साथ ही हिंसक वारदातों का दौर भी शुरू हो गया है। शुक्रवार को सेक्टर-11 पोस्ट ग्रेजुएट गवर्नमेंट कॉलेज में पुसू और जीसीएसयू छात्र नेताओं के बीच मारपीट हुई । बीए के छात्र शुभम को गंभीर अवस्था में पीजीआई में भर्ती करवाना पड़ा। मामले में कई छात्रों के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज कराई गई है।
विज्ञापन


चुनाव को लेकर पीयू प्रशासन ने अपने स्तर पर तैयारी कर ली है। यूटी प्रशासन से अब सिर्फ चिट्ठी का इंतजार है। चुनाव शांतिपूर्वक करवाने के लिए हर संभव तैयारी है। हिंसा फैलाने वाले विद्यार्थियों के खिलाफ पीयू प्रशासन इस साल सख्त कदम उठाएगा। कैंपस में पुलिस की तैनाती भी बढ़ा दी गई है।
डॉ.जितेंद्र ग्रोवर ,चीफ सिक्योरिटी ऑफिसर पंजाब यूनिवर्सिटी
Trending Videos
विज्ञापन

एबीवीपी ने रिसर्च स्कॉलर की मांग रखी

ABVP Protest - फोटो : amar ujala
सोई,एनएसयूआई और पुसू में मुकाबला  
पीयू छात्र काउंसिल में इस साल किसी भी ग्रुप को अभी तक स्पष्ट बहुमत दिखाई नहीं दे रहा। सभी बड़े छात्र संगठनों में आपसी मनमुटाव चल रहा है। छात्र काउंसिल चुनाव में स्टूडेंट आर्गेनाइजेशन ऑफ इंडिया (सोई),  नेशनल स्टूडेंट यूनियन ऑफ इंडिया(एनएसयूआई) और पंजाब यूनिवर्सिटी स्टूडेंट यूनियन (पुसू) के बीच ही कड़ा मुकाबला होने की उम्मीद है। लेकिन इन संगठनों को जीत पक्की करने के लिए कम वोट वाले अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी), इंडियन नेशनल स्डूटेंट आर्गेनाइजेशन (इनसो), हिमाचल प्रदेश स्टूडेंट यूनियन(एचपीएसयू) और एसएफएस जैसे संगठनों को साथ लेना होगा। बड़े छात्र संगठनों ने छोटे छात्र संगठनों सेे बातचीत शुरू कर दी है। लेकिन गठजोड़ का फैसला छात्र काउंसिल चुनाव की घोषणा के बाद ही होगा।

एचपीएसयू ने घोषित किया पैनल
  हिमाचल प्रदेश स्टूडेंट यूनियन ने शुक्रवार को पैनल घोषित कर दिया। ज्योग्राफी विभाग के अक्षय को चेयरमैन, लॉ विभाग के संजीव नेगी को पार्टी प्रेसिडेंट, यूआईईटी विभाग से प्रीति नेगी कैंपस प्रेसिडेंट,सृष्टि शर्मा वाइस प्रेसिडेंट, निखिल जनरल सेक्रेटरी और अमन को इलेक्शन इंचार्ज चुना गया है। एचपीएसयू के पूर्व प्रेसिडेंट कुलदीप सिंह रावत की अगुवाई में नए पैनल की घोषणा की गई है। कुलदीप ने कहा कि एचपीएसयू छात्र हितों के लिए चुनाव में उतरेगी।  

कैंपस में एंट्री होगी अब मुश्किल
पीयू छात्र काउंसिल चुनाव को देखते हुए पीयू प्रशासन ने सोमवार से बाहरी गाड़ियों के पीयू कैंपस में एंट्री पर पूरी तरह बैन लगाने का फैसला लिया है। चुनाव तक बिना पीयू स्टीकर किसी भी गाड़ी को कैंपस में नहीं जाने दिया जाएगा। शुक्रवार को भी पीयू के गेट नंबर 1 पर सभी गाड़ियों की चेकिंग कर ही एंट्री दी गई।

एबीवीपी ने रिसर्च स्कॉलर की मांग रखी
चुनाव नजदीक आते है छात्र संगठनों में भी विद्यार्थियों की मांग उठाने का दौर शुरू हो जाता है। शुक्रवार को एबीवीपी ने पीएचडी स्कॉलर को पांच साल पूरे होने के बाद भी छह महीने हॉस्टल रूम देने, वाई फाई सुविधा जारी रखने जैसी मांग रखी। सौरभ कपूर ने कहा कि कुलपति ने 2 सितंबर तक मामले में कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
बॉक्स .. (फोटो ट्रैक पर सेव है)
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें