पंजाब यूनिवर्सिटी की हेरिटेज लाइब्रेरी से बाहर निकाला जा रहा तकनीकी स्टाफ अब अंदर ही रहेगा। बताया जाता है कि आदेश वापस लिए जा रहे हैं। स्टूडेंट्स के लिए बैठने को स्थान बढ़ाएगा। इसके लिए और तरीके निकाले जाएंगे। यह भी बताया जाता है कि आईसीएसएसआर का ऑफिस यहां शिफ्ट नहीं होगा।
हालांकि यह आदेश जारी होने के बाद ही फाइनल होगा। पीयू की एसी जोशी लाइब्रेरी वर्षों पुरानी है। यह हेरिटेज श्रेणी में आती है। इस लाइब्रेरी को आगे ले जाने में इसके स्टाफ का बड़ा योगदान रहा है। इसी में तकनीकी स्टाफ भी शामिल है। आने वाली किताबों की ग्रेडिंग से लेकर कई कार्य यह स्टाफ करता है।
कुछ दिन पहले पीयू प्रशासन ने इस स्टाफ को बाहर जाने के लिए कह दिया। इनकी जगह आईसीएसएसआर के ऑफिस को देने की बात कही गई। इसका बड़े पैमाने पर विरोध शुरू हो गया। पुटा की ओर से आपत्ति दर्ज कराई गई। कहा गया कि यह स्टाफ लाइब्रेरी का अभिन्न हिस्सा है, उसे अलग नहीं किया जा सकता। कई अन्य तर्क दिए गए थे।
जानकारों ने यह भी कहा था कि आईसीएसएसआर के ऑफिस को यहां शिफ्ट करने का कोई औचित्य नहीं है। चारों ओर से पीयू प्रशासन पर दबाव बढ़ा तो वह बैकफुट पर आ रहा है। सूत्रों का कहना है कि तकनीकी स्टाफ को अपनी पुरानी जगह ही दी जाएगी।