फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

गेस्ट लेक्चर्स को बड़ा झटका देने की तैयारी, पीयू सीनेट में होगा फैसला

Sat, 30 Jul 2016 06:46 PM IST
सुमित सिंह श्यौराण/अमर उजाला, चंडीगढ़
विज्ञापन
पंजाब यूनिवर्सिटी - फोटो : amar ujala
विज्ञापन
पंजाब यूनिवर्सिटी प्रशासन गेस्ट लेक्चर्स को बड़ा झटका देने की तैयारी कर रहा है। प्रस्ताव तैयार है, अगली सीनेट में उस पर फैसला होगा। पंजाब यूनिवर्सिटी (पीयू) विभागों में नियुक्त रेगुलर प्रोफेसर को मासिक 1 से 1.50 लाख वेतन मिलता हैं। लेकिन पीयू के कई विभागों में गेस्ट लेक्चर के नाम पर रेगुलर प्रोफेसर ही मोटी कमाई कर रहे हैं।
विज्ञापन


पीयू  प्रोफेसर अपने विभाग के साथ ही दूसरे विभाग में गेस्ट लेक्चर देकर मोटी कमाई कर रहे हैं। जल्द ही पीयू प्रोफेसरों की गेस्ट लेक्चर से मोटी कमाई का जरिया बंद होगा। रेगुलर प्रोफेसर को फ्री में दूसरे विभाग में पढ़ाना होगा। इस संबंध में पीयू की अगली सीनेट में प्रस्ताव लाने की तैयारी है। पीयू सीनेट में रेगुलर प्रोफेसर को कैंपस के ही अन्य विभागों में गेस्ट लेक्चर की पेमेंट रोकने का प्रस्ताव रखा गया है।

24 जुलाई को पंजाब यूनिवर्सिटी सीनेट में आर्थिक तंगी से पार पाने के लिए काफी हंगामा हुआ था। सीनेटर वरिंद्र सिंह गिल ने पीयू और शहर के कॉलेजों के रेगुलर प्रोफेसर द्वारा गेस्ट लेक्चर की पेमेंट का मुद्दा उठाया। पूरे मामले को लेकर कई सीनेटर ने समर्थन भी किया। इस मामले में जल्द ही कमेटी बनाकर पीयू फैसला लेगा।
विज्ञापन


प्रोफेसर को 30 हजार तक अतिरिक्त कमाई  
पीयू के की विभागों में शिक्षकों की काफी कमी है। खाली पदों पर गेस्ट और कांट्रैक्ट शिक्षकों से काम चलाया जा रहा है। लेकिन इस मामले में भी बड़ा खेल हो रहा है। प्रोफेसर दूसरे विभाग में प्रति लेक्चर 1000 से 1500 रुपये कमाते हैं। विश्वविद्यालय गेस्ट लेक्चर देने वाले प्रत्येक प्रोफेसर को 25 से 30 हजार की पेमेंट करनी पड़ती है। हर महीने पीयू गेस्ट लेक्चर के लिए ही प्रोफेसर को कई लाख की पेमेंट करते हैं। शहर के कई प्राइवेट और गवर्नमेंट कॉलेज के रेगुलर प्रोफेसर भी पीयू में गेस्ट लेक्चर लेकर मोटी कमाई कर रहे हैं।
विज्ञापन

यूसोल और इवनिंग विभाग में लागू होगा रोटेशन सिस्टम

पंजाब यूनिवर्सिटी कैंपस - फोटो : file photo
पीयू के विभागों में 500 से अधिक  शिक्षकों के पद खाली पड़े हैं।  पीयू प्रशासन ने यूनिवर्सिटी स्थित यूनिवर्सिटी स्कूल ऑफ ओपन लर्निंग(यूसोल) और डिपार्टमेंट ऑफ इवनिंग स्टडी के प्रोफेसर के लिए रोटेशन सिस्टम लागू करने का प्रपोजल तैयार किया था। प्रपोजल के तहत इन विभागों के शिक्षकों को अन्य विभागों में बदला जा सकता है। साथ ही शिक्षकों को अन्य विभागों में लेक्चर लेेने के लिए कहा जा सकता है।

रिसर्च स्कॉलर को मिले मौका
पीयू में सीनियर रिसर्च स्कॉलर जयदीप सिंह का कहना है कि हर साल पीयू से 300 से अधिक पीएचडी स्टूडेंट निकल रहे हैं। नेट-पीएचडी के बाद भी युवाओं को 5 से 8 हजार की नौकरी करनी प़ड़ती है। पीयू में गेस्ट फैकल्टी के तौर पर इन स्टूडेंट को मौका मिलना चाहिए। उन्होंने कहा कि इस मुद्दे को कई बार उठाया गया, लेकिन पीयू प्रशासन ने कोई सुनवाई नहीं की।

पीयू के कई विभागों में रेगुलर प्रोफेसर दूसरे विभागों में जाकर गेस्ट लेक्चर लेते हैं। इस मामले में भी आपसी साठगांठ की जाती है। कॉलेजों से भी रेगुलर प्रोफेसर को गेस्ट लेक्चर की बड़ी पेमेंट की जाती है। पीयू को अपने ही रेगुलर प्रोफेसर को गेस्ट लेक्चर से मिलने वाली पेमेंट तुरंत बंद करनी चाहिए।
- वरिंद्र सिंह गिल, सीनेटर पंजाब यूनिवर्सिटी
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें