पंजाब यूनिवर्सिटी प्रशासन गेस्ट लेक्चर्स को बड़ा झटका देने की तैयारी कर रहा है। प्रस्ताव तैयार है, अगली सीनेट में उस पर फैसला होगा। पंजाब यूनिवर्सिटी (पीयू) विभागों में नियुक्त रेगुलर प्रोफेसर को मासिक 1 से 1.50 लाख वेतन मिलता हैं। लेकिन पीयू के कई विभागों में गेस्ट लेक्चर के नाम पर रेगुलर प्रोफेसर ही मोटी कमाई कर रहे हैं।
पीयू प्रोफेसर अपने विभाग के साथ ही दूसरे विभाग में गेस्ट लेक्चर देकर मोटी कमाई कर रहे हैं। जल्द ही पीयू प्रोफेसरों की गेस्ट लेक्चर से मोटी कमाई का जरिया बंद होगा। रेगुलर प्रोफेसर को फ्री में दूसरे विभाग में पढ़ाना होगा। इस संबंध में पीयू की अगली सीनेट में प्रस्ताव लाने की तैयारी है। पीयू सीनेट में रेगुलर प्रोफेसर को कैंपस के ही अन्य विभागों में गेस्ट लेक्चर की पेमेंट रोकने का प्रस्ताव रखा गया है।
24 जुलाई को पंजाब यूनिवर्सिटी सीनेट में आर्थिक तंगी से पार पाने के लिए काफी हंगामा हुआ था। सीनेटर वरिंद्र सिंह गिल ने पीयू और शहर के कॉलेजों के रेगुलर प्रोफेसर द्वारा गेस्ट लेक्चर की पेमेंट का मुद्दा उठाया। पूरे मामले को लेकर कई सीनेटर ने समर्थन भी किया। इस मामले में जल्द ही कमेटी बनाकर पीयू फैसला लेगा।
प्रोफेसर को 30 हजार तक अतिरिक्त कमाई
पीयू के की विभागों में शिक्षकों की काफी कमी है। खाली पदों पर गेस्ट और कांट्रैक्ट शिक्षकों से काम चलाया जा रहा है। लेकिन इस मामले में भी बड़ा खेल हो रहा है। प्रोफेसर दूसरे विभाग में प्रति लेक्चर 1000 से 1500 रुपये कमाते हैं। विश्वविद्यालय गेस्ट लेक्चर देने वाले प्रत्येक प्रोफेसर को 25 से 30 हजार की पेमेंट करनी पड़ती है। हर महीने पीयू गेस्ट लेक्चर के लिए ही प्रोफेसर को कई लाख की पेमेंट करते हैं। शहर के कई प्राइवेट और गवर्नमेंट कॉलेज के रेगुलर प्रोफेसर भी पीयू में गेस्ट लेक्चर लेकर मोटी कमाई कर रहे हैं।