पंजाब यूनिवर्सिटी(पीयू) प्रशासन ने एग्जामिनेशन फीस बढ़ोतरी को लेकर छात्र संगठनों के विरोध को देखते हुए बुधवार कुछ राहत दी है। पीयू प्रशासन ने गरीबी रेखा से नीचे(बीपीएल) कैटेगरी में आने वाले विद्यार्थियों की एग्जामिनेशन फीस नहीं बढ़ाने का फैसला लिया है। पीयू और कॉलेजों में बीपीएल स्टूडेंट्स को पुराने फीस स्ट्रक्चर के हिसाब से फीस जमा करनी होगी। इस फैसले से फिलहाल कुछ स्टूडेंट्स को राहत मिल गई है। उधर पीयू प्रशासन ने बिना लेट फीस एग्जामिनेशन जमा करने की तिथि 20 अक्तूबर तक बढ़ा दी है।
गौरतलब है कि मंगलवार को पंजाब यूनिवर्सिटी में स्टूडेंट्स फॉर सोसाइटी(एसएफएस) ने एग्जामिनेशन फीस बढ़ोतरी के खिलाफ जमकर हंगामा किया था। एसएफएस के सैंकड़ों समर्थकों ने पहले पीयू का गेट नंबर 2 बंद किया और फिर 14-15 सेक्टर की मुख्य सड़क डेढ़ घंटे तक जाम कर दी थी। मामले को शांत के लिए खुद पीयू कुलपति प्रो.अरुण कुमार ग्रोवर और रजिस्ट्रार कर्नल जीएस चड्डा को स्टूडेंट्स के बीच जाना पड़ा था।
फीस जमा करने की अंतिम तिथि 20 अक्तूबर तक बढ़ाई
VC Arun Grover On PU
- फोटो : फाइल फोटो
बुधवार फी मामले को लेकर कुलपति द्वारा गठित हाई पावर कमेटी की मीटिंग हुई। डीयूआई प्रो.दिनेश गुप्ता, डीएसडब्ल्यू प्रो.नवदीप गोयल और डीएसडब्ल्यू वुमन प्रो.नंदिता सिंह,रजिस्ट्रार कर्नज जीएस चड्डा,कंट्रोलर ऑफ एग्जामिनेशन प्रो.परविंदर सिंह,फाइनेंस एंड डेवलेपमेंट ऑफिस विक्रम नैयर और प्रो.रमनजीत कौर जोहल की कमेटी ने बीपीए कैटेगरी की एग्जामिनेशन फीस नहीं बढ़ाने का सुझाव दिया।
साथ ही आर्थिक तंगी वाले स्टूडेंट्स की भी कमेटी फीस में छूट देगी । लेकिन स्टूडेंट्स को इस संबंध में जरुरी दस्तावेज देने होंगे। कमेटी एग्जामिनेशन और ट्यूशन फीस बढ़ाने के मुद्दे को लेकर वीसी को सुझाव भेजेगी। एग्जामिनेशन फीस बढ़ोतरी के खिलाफ फिलहाल एसएफएस ने विरोध प्रदर्शन नई रणनीति तैयार होने तक स्थागित कर दिया है। लेकिन बुधवार से नेशनल स्टूडेंट आर्गेनाइजेशन ऑफ इंडिया(एनएसयूआई) समर्थकों ने भूख हड़ताल शुरू कर दी है। वीसी दफ्तर के बाहर एमए सोशोलॉजी विभाग के छात्र सचिन भूख हड़ताल पर बैठे हैं। एनएसयूआई नेता मनोज लुबाणा ने कहा कि पीयू प्रशासन के फैसले के खिलाफ एनएसयूआई लगातार विरोध जारी रखेगी।
एसएफएस पूरी तैयारी के साथ उतरेगी मैदान में
PU Protest
- फोटो : फाइल फोटो
एग्जामिनेशन फीस बढ़ोतरी के खिलाफ एसएफएस द्वारा मंगलवार को विरोध प्रदर्शन ने पीयू प्रशासन और पुलिस के लिए मुश्किलें खड़ी कर दी थी। एसएफएस नेता दमनप्रीत ने कहा कि इस मुद्दे को लेकर चंडीगढ़ और पंजाब के सभी कॉलेजों के स्टूडेंट्स को एकजुट किया जा रहा है। उन्होंने कहा पीयू ने 50 से 300 फीसदी तक एग्जामिनेशन फीस बढ़ाकर पढ़ाई का पूरी तरह निजीकरण करने की तैयारी कर ली है। उन्होंने कहा कि एसएफएस जल्द ही नई रणनीति के साथ मैदान में उतरेगी।
कमेटी ने बीपीएल स्टूडेंट्स की एग्जामिनेशन फीस नहीं बढ़ाने का फैसला लिया है। कमेटी ओर भी सुझाव देगी। फीस जमा करने की तिथि भी 20 अक्तूबर तक बढ़ा दी गई है।
प्रो.नवदीप गोयल, डीएसडब्ल्यू पंजाब यूनिवर्सिटी