चंडीगढ़ के कॉलेजों में बीकॉम और बीबीए कोर्स में दाखिला नहीं पाने वाले स्टूडेंट के लिए बहुत बड़ी खुशखबरी है। वेटिंग लिस्ट में शामिल विद्यार्थियों के लिए दाखिले की उम्मीद अभी बाकी है। पंजाब यूनिवर्सिटी प्रशासन ने शहर के कॉलेजों में सभी कोर्सों में सीटें बढ़ाने का फैसला लिया है। पीयू प्रशासन के इस फैसले से सबसे अधिक फायदा बीकॉम और बीबीए जैसे प्रोफेशनल कोर्स में दाखिले से वंचित रह गए स्टूडेंट को होगा।
जानकारी के अनुसार शहर के 11 कॉलेजों में बीकॉम की 110 और बीबीए की 100 से अधिक सीटें बढ़ने की उम्मीद है। इन कोर्स में सीटें बढ़ने के बाद तीसरी काउंसिलिंग में वेटिंग लिस्ट वाले स्टूडेंट को दाखिला मिल जाएगा। पंजाब यूनिवर्सिटी सिंडीकेट ने भी सीटें बढ़ाने के फैसले को मंजूरी दे दी है।
5 अगस्त तक कॉलेजों को करना होगा आवेदन
जानकारी के मुताबिक पीयू प्रशासन सिर्फ उन्हीं कॉलेजों में सीटें बढ़ाएगा जो इसके लिए आवेदन करेंगे। कॉलेजों को 5 अगस्त तक पीयू कंट्रोलर ऑफ एग्जामिनेशन (सीओई) को आवेदन करना होगा। कॉलेजों को प्रति यूनिट 5 सीटें और अधिकतम 10 सीटें बढ़ाने की परमिशन मिल सकेगी। पीयू ने यह भी शर्त रखी है कि जिस कोर्स के लिए सीटें मांगीं जाएंगी उसकी पहले सभी सीटें भरी होनी चाहिए।
पीयू के लिए बना कमाई का जरिया
कॉलेजों में सीटें बढ़ने से बेशक वेटिंग लिस्ट में शामिल स्टूडेंट को दाखिला मिल जाएगा। लेकिन स्टूडेंट को फीस के अलावा 1800 अतिरिक्त लेट फीस देनी होगी। 1 अगस्त तक कॉलेजों में प्रिंसिपल की अनुमति और 500 रुपये लेट फीस के साथ दाखिला हो सकता था। लेकिन अब 20 अगस्त तक वीसी की अनुमति और 1800 रुपये लेट फीस के साथ ही दाखिला होगा। पीयू प्रशासन हर साल लेट फीस से कमाई के लिए देरी से सीटें बढ़ाने का फैसला लेता है।
बीकॉम की तीसरी काउंसिलिंग 15 अगस्त के बाद
शहर के 11 कॉलेज और पीयू ईवनिंग विभाग में बीकॉम प्रथम वर्ष में 2380 सीटों पर दाखिला दिया गया। जानकारी के अनुसार दूसरी काउंसिलिंग के बाद भी कॉलेजों में कुछ सीटें खाली हैं। कॉलेजों में बीकॉम की अतिरिक्त सीटें मिलने के बाद तीसरी काउंसिलिंग होगी। पीयू बीकॉम की तीसरी सेंट्रलाइज्ड काउंसिलिंग 18 से 20 अगस्त तक कर सकता है। लेकिन इस बारे में अंतिम फैसला 10 अगस्त तक लिया जाएगा। सभी कॉलेजों से बीकॉम की खाली सीटों की जानकारी मांगी गई है।
बीकॉम सहित अन्य कोर्स में सीटें बढ़ाने के लिए कॉलेज 5 अगस्त तक आवेदन भेज सकते हैं। एक संकाय में अधिकतम 10 सीटें मिल सकेंगी,लेकिन उस कॉलेज में उस संकाय की सभी सीटें भरी होनी चाहिए। आवेदन करने वाले कॉलेजों को भी इसका लाभ मिलेगा।
- प्रोफेसर परविंदर सिंह, डीन कॉलेज डेवलेपमेंट काउंसिल पंजाब यूनिवर्सिटी