पंजाब यूनिवर्सिटी एमफिल और पीएचडी में दाखिले के नियमों में बदलाव करने जा रही है। इससे दिव्यांगों को बड़ी राहत मिलेगी। यूनिवर्सिटी के विभिन्न संकायों में अब एमफिल और पीएचडी कोर्स में दाखिले के नए नियमों के तहत होंगे।
8 अक्तूबर को होने वाली पीयू की सिंडीकेट बैठक में इस प्रस्ताव पर मुहर लगने की उम्मीद है। जानकारी अनुसार सिंडीकेट बैठक में यूजीसी द्वारा 2016 में एमफिल-पीएचडी दाखिले के लिए जारी नए नोटिफिकेशन को मंजूरी के लिए लाया जाएगा।
नए नियमों के तहत अब प्रोफेसर 3 एमफिल 8 पीएचडी, एसोसिएट प्रोफेसर 2 एमफिल 6 पीएचडी और असिस्टेंट प्रोफेसर 1 एमफिल और 4 पीएचडी रिसर्च स्कॉलर के गाइड बन सकेंगे।
पुराने नियमों के तहत प्रोफेसर 12 रिसर्च स्कॉलर को गाइड कर सकते हैं। यूजीसी ने अब कॉलेज शिक्षकों को भी एमफिल और पीएचडी गाइड बनने की अनुमति दे दी है, लेकिन कॉलेज में शोध का इंफ्रास्ट्रक्चर होना जरूरी है।
दिव्यांगों को दोनों कोर्स में एक साल अतिरिक्त समय मिलेगा
डीयू दाखिला
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पीएचडी-एमफिल के नए नियमों के तहत दिव्यांग अभ्यर्थियों को एमफिल में एक साल और पीएचडी में दो साल अतिरिक्त समय मिल सकेगा। उधर महिला रिसर्च स्कॉलर को 240 दिन की मैटरनिटी लीव और चाइल्ड केयर लीव का प्रावधान रखा गया है।
सिंडीकेटमें पीयू कर्मचारियों के लिए बड़ा फैसला लिया जा सकता है। 1 जनवरी 2004 के बाद पीयू के विभिन्न विभाग या नॉन टीचिंग स्टॉफ में दूसरे संस्थानों से ज्वाइन करने वाले अधिकारी और कर्मचारियों को पिछले संस्थान में दी गई सेवाओं का पेंशन में लाभ देने का प्रस्ताव है।
पीयू कुलपति की ओर से 2015 सीनेेट में पीयू के विभागों में अनुभवी प्रोफेसर की नियुक्ति को लेकर प्रस्ताव रखा गया था, तब कई सीनेटर ने दूसरे संस्थानों से आने वाले प्रोफेसर को पेंशन लाभ देने की मांग की थी। अब इस प्रस्ताव को भी सिंडीकेट में मंजूरी मिल सकती है।
कई साल बाद चीफ सिक्योरिटी ऑफिसर की नियुक्ति
28 जुलाई को लगेगी पहली मेरिट लिस्ट, शुरू होगी दाखिले की दौड़
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पीयू कैंपस में लगातार हिंसक वारदातों के बाद चीफ सिक्योरिटी ऑफिसर पद पर स्थायी नियुक्ति की मांग उठती रही है। आगामी 8 अक्तूबर को मांग पर मुहर लग सकती है। इस पद के लिए इंटरव्यू हो चुका है।
लेकिन इस बार भी नियुक्ति में अनुभव की अनदेखी करने पर विवाद हो सकता है। गौरतलब है कि दो साल पहले इसी पद पर स्थायी भर्ती को लेकर विवाद कोर्ट तक पहुंच गया था। बाद में पीयू को भर्ती रद्द करनी पड़ी थी।