पंजाब यूनिवर्सिटी चंडीगढ़ में आखिरकार छात्राओं पर लगा पिंजरा टूट गया है। छात्राओं को आजादी मिल गई है, लेकिन कुछ शर्तों के साथ। स्टूडेंट काउंसिल की सचिव वाणी सूद के अभियान और स्टूडेंट ऑर्गेनाइजेशन ऑफ इंडिया (सोई) कार्यकर्ता इकबालप्रीत की पांच दिन तक चली भूख हड़ताल के बाद आखिर वीरवार को जबरदस्त गहमागहमी के बीच लड़कियों के हॉस्टल की टाइमिंग में बदलाव किया गया है। अमर उजाला ने ‘पिंजरा तोड़’ के इस अभियान को प्रमुखता से उठाया था।
स्टूडेंट काउंसिल की सचिव वाणी सूद जहां हॉस्टल दर हॉस्टल जाकर लड़कियों से फीडबैक फार्म ले रही थीं, वहीं इकबालप्रीत हॉस्टल टाइमिंग 24 घंटे करने की मांग को लेकर गर्ल्स हॉस्टल के बाहर भूख हड़ताल पर बैठा था। वीरवार को सोई कार्यकर्ताओं ने गेट नंबर तीन भी करीब आधे घंटे तक बंद कर प्रदर्शन किया और पीयू प्रबंधन के खिलाफ नारे लगाए। लेकिन शाम को जब कुछ शर्तों के साथ मांगें मान ली गईं, तो पीयू प्रबंधन जिंदाबाद के नारे भी लगे।
डीएसडब्ल्यू प्रो. इमेनुअल नाहर ने इकबालप्रीत को जूस पिलाकर भूख हड़ताल खत्म करवाई। हालांकि हॉस्टल टाइमिंग सभी के लिए 24 घंटे नहीं हो सकी, लेकिन लड़कियों को काफी राहत दी गई है। वाणी सूद ने अपने फीडबैक फार्म डीएसडब्ल्यू को दिए और उन पर टाइमिंग सुधारने का दबाव बनाया। वाणी ने डीएसडब्ल्यू व हॉस्टलों के वार्डन से बैठक कर कहा कि उन्होंने कोई प्रदर्शन नहीं किया, सिर्फ लड़कियों की फीडबैक के मुताबिक मांगें रखीं।
यह थी समस्या
- छात्राएं रात को 9 बजे के बाद हॉस्टल से बाहर नहीं जा सकती थीं।
- 10 बजे के बाद हॉस्टल में आने पर 250 रुपये जुर्माना लगता था।
- छात्राएं लाइब्रेरी में भी नहीं जा पा रही थी।
अब यह बने नियम
- अंडर ग्रेजुएट छात्राएं 11 बजे तक हॉस्टल में लौट सकेंगी।
- 11 बजे के बाद आने पर 100 रुपये फाइन लिया जाएगा।
- रात को भी लाइब्रेरी में छात्राएं जा सकेंगी और लौटकर उन्हें लाइब्रेरी की मोहर लगा फार्म दाखिल करना होगा।
- पीएचडी स्कॉलर और एमफिल की छात्राओं के लिए हॉस्टल टाइमिंग की पाबंदी नहीं रहेगी। वे कभी भी आ-जा सकेंगी।
- कैंपस में सीसीटीवी सहित अन्य सुरक्षा के इंतजाम मजबूत किए जाएंगे।
- कैंपस में रात को नौ बजे के बाद आउट साइडर की एंट्री नहीं होगी।
हमने कोई प्रदर्शन नहीं किया, सिर्फ वही प्रबंधन को बताया जो छात्राएं चाहती हैं। मौजूदा व्यवस्था को देखते हुए अच्छा फैसला है। जब पीयू में सुरक्षा के इंतजाम ज्यादा मजबूत हो जाएंगे तो टाइमिंग ज्यादा बदलाव किया जा सकेगा। हमने एक पड़ाव पार कर लिया है और इसमें सुधार के लिए काम जारी रहेगा।
- वाणी सूद, सचिव, पीयू स्टूडेंट काउंसिल
छात्राओं के लिए हमारी तरफ से लड़ाई लड़ी गई। हमारी मांग 24 घंटे की टाइमिंग की थी, जिसमें कुछ शर्तों के साथ मंजूरी मिली है। भूख हड़ताल खत्म कर दी गई है और इकबालप्रीत सिंह रिकवर हो रहा है।
- चेतन चौधरी, कैंपस प्रधान, सोई
यह सभी को समझना चाहिए कि यूनिवर्सिटी में काफी छात्राएं 12वीं के बाद आती हैं, उनके साथ पीयू पर सभी की सुरक्षा का जिम्मा है। कुछ शर्तों के साथ हॉस्टल टाइमिंग में बदलाव मंजूर किए गए हैं। हम बच्चों के अभिभावकों को भी जवाबदेह हैं।
- प्रो. इमेनुअल नाहर, डीन स्टूडेंट वेलफेयर