पंजाब यूनिवर्सिटी (पीयू) के खाली पदों पर दूसरे राज्यों की यूनिवर्सिटी या सरकारी विभाग के कर्मचारियों को डेपुटेशन पर नियुक्ति मिल सकेगी। पीयू प्रशासन ने डेपुटेशन नियमों में संशोधन करने का फैसला लिया है। इस मामले को अमलीजामा पहनाने के लिए पीयू कुलपति प्रो.अरुण कुमार ग्रोवर ने एक कमेटी गठित करने के निर्देश दिए हैं।
अगस्त में पीयू बोर्ड ऑफ फाइनेंस की बैठक में आर्थिक तंगी का हवाला देते हुए फिलहाल कैंपस में नई भर्तियों पर पूरी तरह रोक लगाने का फैसला लिया गया है। लेकिन अहम खाली पदों को भरने के लिए पीयू प्रशासन ने अब डेपुटेशन का विकल्प तैयार करने का फैसला लिया है।
पीयू की 9 अक्तूबर को हुई सीनेट बैठक में डेपुटेशन का मामला उठा गया था। कई सीनेट सदस्यों ने पीयू के प्रशासनिक, टीचिंग और नॉन टीचिंग पदों पर भी डेपुटेशन से दूसरे सरकारी विभाग या यूनिवर्सिटी से नियुक्ति का प्रस्ताव रखा। पीयू कुलपति ने प्रस्ताव पर रजामंदी देते हुुए कहा कि ऐसे मामलों में आवश्यक्ता अनुसार कमेटी फैसला लेगी। गौरतलब है कि पंजाब यूनिवर्सिटी में अभी तक डेपुटेशन के कुछ ही मामलों में मंजूरी दी जाती रही है। काफी समय से पीयू कर्मचारी डेपुटेशन के नियमों को आसान किए जाने का मांग कर रहे थे।