अब एक क्लिक करते हुए पंजाब यूनिवर्सिटी से जुड़े 192 कॉलेजों की पूरी जानकारी मिल जाएगी। इसके लिए तैयारियां कर ली गई हैं। पीयू के डीन कॉलेज डेवलपमेंट काउंसिल (डीसीडीसी) की ओर से पीयू एफिलिएटेड 192 कॉलेजों से जुड़ी सभी जानकारी ऑनलाइन करने की तैयारी अंतिम चरण में है।
पीयू के इस खास ऑनलाइन प्रोजेक्ट के शुरू होने से अब सभी कॉलेजों का डाटा ऑनलाइन करने का काम अगले महीने तक शुरू हो जाएगा। इन दिनों ऑनलाइन प्रोजेक्ट का ट्रायल अंतिम चरण में चल रहा है।
जानकारी अनुसार पीयू एफिलिएटेड चंडीगढ़ और पंजाब स्थित सभी गवर्नमेंट, प्राइवेट और एडेड कॉलेजों के कामकाज में पारदर्शिता लाने के लिए छह महीने पहले कंट्रोलर ऑफ एग्जामिनेशन, पीयू ने ऑनलाइन सिस्टम तैयार करने का प्रपोजल तैयार किया था। पहले चरण में सभी कॉलेजों के परीक्षा संबंधी कामकाज को ऑनलाइन किया गया।
पायलट प्रोजेक्ट सफल रहा
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पीयू का यह पायलट प्रोजेक्ट सफल रहा है। परीक्षा के दिनों में रोल नंबर और अन्य डॉक्यूमेंट के लिए पीयू कैंपस के प्रशासनिक ब्लॉक में लगने वाली लंबी लाइनों से अब छुटकारा मिल चुका है। पायलट प्रोजेक्ट के तहत पीयू के चार कॉलेजों को चुना गया।
दो महीने से इन कॉलेजों के स्थापना से लेकर अब तक की पूरी जानकारी, एफिलिएशन, विभिन्न कोर्स में स्टूडेंट्स की पूरी जानकारी, कॉलेज में कितने कोर्स चल रहे, टीचिंग और नॉन टीचिंग कर्मचारियों सहित सभी जानकारी वेबसाइट पर अपलोड कर दी जाएगी।
कॉलेज द्वारा ऑनलाइन परफोर्मा में कोई भी कॉलम अधूरा छोड़ने पर कॉलेज का ऑनलाइन प्रोसेस पूरा नहीं होगा। प्रोजेक्ट से जुड़े अधिकारियों के अनुसार चार कॉलेजों पर किया गया ट्रायल काफी सफल रहा है। पीयू कुलपति प्रो. अरुण कुमार ग्रोवर जल्द ही कॉलेजों के नए ऑनलाइन सिस्टम का उद्घाटन करेंगे।
प्राइवेट कॉलेज नहीं दे सकेंगे कम सैलरी
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पीयू की ओर से कॉलेजों के लिए तैयार ऑनलाइन सिस्टम में सबसे अधिक फायदा कांट्रेक्ट और गेस्ट शिक्षकों को होगा। सभी कॉलेज प्रबंधकों को नियुक्त किए गए कांट्रेक्ट और गेस्ट टीचर्स की भी पूरी जानकारी देनी होगी।
इन शिक्षकों को दिए जाने वाले वेतन की जानकारी भी बैंक डिटेल के साथ ऑनलाइन देनी होगी। गौरतलब है कि पीयू सीनेट में कुलपति प्रो. अरुण कुमार ग्रोवर ने कांट्रेक्ट टीचर्स को पूरी वेतन नहीं देने वाले कॉलेजों की ग्रांट और नए कोर्स जारी नहीं देने का आश्वासन दिया था।